4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

इस गिरोह ने उड़ा दी पुलिस की नींद, सबसे ज्यादा कोचिंग संस्थानों के विद्यार्थी व स्टाफ निशाने पर

गैंगवार के अलावा शराब और भूमाफियों के बाद अब हफ्ता वसूली गिरोह ने पुलिस की नींद उड़ा दी है। शिक्षा नगरी में पनप रह इस नए गिरोह के निशाने पर यहां संचालित शिक्षण व कोचिंग संस्थान के विद्यार्थी और स्टाफ है।
2 min read
Google source verification
गैंगवार के अलावा शराब और भूमाफियों के बाद अब हफ्ता वसूली गिरोह ने पुलिस की नींद उड़ा दी है। शिक्षा नगरी में पनप रह इस नए गिरोह के निशाने पर यहां संचालित शिक्षण व कोचिंग संस्थान के विद्यार्थी और स्टाफ है।

इस गिरोह ने उड़ा दी पुलिस की नींद, सबसे ज्यादा कोचिंग संस्थानों के विद्यार्थी व स्टाफ निशाने पर

सीकर.

गैंगवार के अलावा शराब और भूमाफियों के बाद अब हफ्ता वसूली गिरोह ने पुलिस की नींद उड़ा दी है। शिक्षा नगरी में पनप रह इस नए गिरोह के निशाने पर यहां संचालित शिक्षण व कोचिंग संस्थान के विद्यार्थी और स्टाफ है। जो दूर-दराज से यहां पढऩे और पढ़ाने के लिए आए हुए हैं। गिरोह का सरगना संदीप पालावास है, जो हरियाणा का रहने वाला है। पुलिस पड़ताल में सामने आया है कि गिरोह में फिलहाल 8 से10 लोग शामिल हैं। जो सरगना संदीप के कहने पर लोगों को डरा-धमका कर मंथली वसूली करते हैं। हफ्ता वसूली के लिए मना करने वाले के साथ मारपीट कर जबरन रुपए छीन लेते हैं। पुलिस ने संदीप के किराए के मकान से संदिग्ध सामग्री बरामद की है और इसको गिरफ्तार कर बाकी साथियों का पता लगा रही है। आरोपी को पुलिस ने रिमांड पर ले रखा है। इसको सोमवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।


मुकदमे ने खोली पोल
हफ्ता वसूली के खेल का पता पुलिस को तब चला जब एक कोचिंग संस्थान के स्टाफ विवेक मील ने संदीप की गैंग को मंथली देने से मना कर दिया। इसके बाद यहां रहने का हफ्ता नहीं मिलने पर संदीप और इसके साथियों ने मारपीट कर विवेक के हाथ-पैर तोड़ दिए। इस पर विवेक के भाई ने उद्योग नगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया तो आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस भी सकते में आ गई। सरगना ने कबूला कि यहां वह कोई काम नहीं कर रहा है। मंथली वसूली से ही उसका सारा खर्चा-पानी चल रहा है।


चिंह्नित की कार्रवाई
नए गिरोह के खुलासे के बाद पुलिस गंभीर हो गई है। शहर के ऐसे बदमाशों को चिंहित किया जा रहा है जो संबंधित क्षेत्र में बिना अध्ययन या किसी काम के यहां लावारिश घूमते रहते हैं। इनकी सूची बनाकर रैकी की जाएगी। ताकि इनकी संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाया जा सके।


अस्थाई चौकी की मांग
पिपराली रोड के दुकानदार व व्यापारियों का कहना है कि वे लोग आए दिन यहां होने वाली मारपीट से परेशान है। शाम होने के साथ ही देर रात तक यहां आपस में झगडऩा आम बात है। रोज-रोज की परेशानी से खफा होकर वे लोग पुलिस के पास भी गए थे। ताकि अस्थाई चौकी या पुलिस गश्त बढ़ाने पर इन बदमाशों से पीछा छुड़ाया जा सके।


वेरिफिकेशन अधूरा
पुलिस अधीक्षक ने हाल ही में निर्देश जारी कर मकान मालिकों को उनके यहां किराए पर रहने वालों का बायोडाटा थाने में देने की बात कही थी। लेकिन, रहने वालों की संख्या ज्यादा होने और इनसे हासिल होने वाले मोटे किराए की भनक पुलिस तक नहीं पहुंचे। कई अवैध छात्रावास के मालिक थाने आने से कतरा रहे हैं।


चल चुकी गोली
संबंधित थाना क्षेत्र में पुलिस छापेमारी कर कई बार बदमाशों से हथियार बरामद कर चुकी है। इसके अलावा पिपराली रोड पर गोली चलने पर युवा घायल हो चुके हैं।