
Honor killing: सीकर लक्ष्मणगढ़ के नेछवा तहसील के नरसास गांव में हुए ऑनर किलिंग मामले में परिजनों ने बुधवार दोपहर को शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम होने के बाद भी शव नहीं लिया। मृतक के पिता महावीरसिंह पुत्र रेखाराम ढाका ने बताया कि बेटे राजेश कुमार ढाका की हत्या करने वाले 15 नामजद व अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए, तभी वे बेटे का शव लेंगे। पुलिस व प्रशासन ने मांग नहीं मानी इसलिए शव नहीं लिया। उनका आरोप है कि नेछवा थाना पुलिस ने दो दिन में एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
पिता ने आरोप लगाते हुए बताया कि पुलिस का रवैया सही नहीं है। हम इसको लेकर गुरुवार को लक्ष्मणगढ़ जिला अस्पताल के बाहर विरोध भी दर्ज करवाएंगे। गौरतलब है कि करीब आठ माह पहले राजेश कुमार ढाका ने अपने ही गांव की लड़की पूजा पुत्री रामचंद्र थालोड़ से कोर्ट मैरिज की थी। तभी से वह पत्नी के साथ सीकर में ही रहता था।
मॄतक राजेश कुमार के परिजनों ने बताया कि राजेश की पूजा थालोड़ से शादी के बाद से ही उसकी जान को खतरा बना हुआ था। मृतक राजेश ने शादी के बाद ही नेछवा थाना में लिखित शिकायत देकर ससुराल के लोगों और अन्य युवकों से स्वयं की जान को खतरा भी बताया था। नेछवा थाना पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया था। पिता बोले कि पुलिस आरोपियों पर उस समय की कार्रवाई करती तो आज मेरे बेटे की हत्या नहीं होती।
पिता ने एफआईआर में नामजद आरोपियों के नाम भी लिखे हैं। आरोपियों में रामचंद्र थालोड़ पुत्र हीराराम, प्रकाश थालोड़ पुत्र हीराराम, सुखवीर पुत्र मदनलाल, सतवीर पुत्र मदनलाल, महेश पुत्र हरलाल, राजेंद्र, महेश पुत्र महावीर, महेंद्र पुत्र महावीर, रामेश्वर पुत्र लेखुराम, महावीर पुत्र तिलोकाराम, विकास पुत्र गंगाधर, सोनु पुत्र ओमप्रकाश, राजू पुत्र भागीरथ थालोड़, निवासी चारण की ढाणी नरसास , राकेश सिहाग पुत्र बनवारी सिहाग सहित अन्य आरोपी हैं। आरोप है कि इन लोगों की राजेश से काफी समय से रंजिश थी। ये लोग बार-बार राजेश को जान से मारने की धमकियां दे रहे थे। इसको लेकर उनके पुत्र राजेश ने नेछवा थाना में लिखित शिकायत दी थी।
नेछवा थानाधिकारी रामकिशन यादव ने बताया कि नरसास गांव के एक युवक राजेश ढाका पुत्र महावीरसिंह जाट ने गांव की ही पूजा थालोड़ से करीब आठ महीने पहले प्रेम विवाह किया था। प्रेम विवाह के बाद दोनों के परिवारों के बीच अनबन और आपसी रंजिश हो गई थी। मृतक के पिता महावीरसिंह ढाका ने बताया कि 5 नवंबर को शाम चार बजे जब उनका बेटा राजेश कुमार गांव के ही आशुराम बलाई के पुत्र और पुत्रवधु की मृत्यु होने पर बैठक में शामिल होने आया हुआ था। तभी उक्त आरोपियों ने गांव के अन्य साथियों के साथ राजेश की स्कॉर्पियो में तोड़फोड़ की। उनके पुत्र राजेश कुमार ढाका पर हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। उक्त आरोपी पिकअप और स्विट गाड़ी में उनके पुत्र की लाश को उनके खेत में बने घर के बाहर लावारिस हालत में डालकर फरार हो गए। परिवार के सदस्यों ने बताया कि राजेश कुमार ढा़का तीन बहनों के बीच इकलौते भाई थे।
राजेश के एक बड़ी और दो छोटी बहनें हैं। अभी एक बहन की शादी नहीं हुई है। पिता महावीरसिंह ढाका खेती-बाड़ी करते हैं। राजेश सीकर में रहकर प्राइवेट नौकरी कर अपना गुजर-बसर कर रहा था। उसे खतरा तो था लेकिन हमें व राजेश को ऐसा पता नहीं था कि ये लोग उसकी जान ही ले लेंगे।
परिजनों ने बताया कि राजेश कुमार ढाका ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के चुनाव चिन्ह पर 2021 में जिला परिषद के वार्ड नंबर तीन से सदस्य का चुनाव लड़ा था। राजनीतिक रूप से सक्रिय थे। वर्तमान में राजेश सीकर में प्राइवेट नौकरी करते थे। इस दौरान गांव के लोगों ने उसका खूब साथ दिया था। तब तक किसी से कोई रंजिश या मनमुटाव नहीं था।
Updated on:
07 Nov 2024 12:10 pm
Published on:
07 Nov 2024 12:10 pm
