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तीन बच्चों के पिता से इश्क लड़ा रही थी बेटी, परिवार ने केबल से इतना मारा कि दोनों की थम गई सांसे

Sikar Honor Killing : पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी पिता रामगोपाल तथा उसके कुछ अन्य रिश्तेदारों ने युवक व युवती को केबल से इतना मारा कि दोनों का दम ही निकल गया।

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सीकर

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Naveen Parmuwal

Oct 25, 2019

तीन बच्चों के पिता से इश्क लड़ा रही थी बेटी, परिवार ने केबल से इतना मारा कि दोनों की थम गई सांसे

तीन बच्चों के पिता से इश्क लड़ा रही थी बेटी, परिवार ने केबल से इतना मारा कि दोनों की थम गई सांसे

सीकर/पलसाना.

Sikar Honor Killing : सीकर में हुए ऑनर किलिंग मामले में आरोपी पिता को गुरुवार को कोर्ट ने दो दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा है। इस बीच हुई पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी पिता रामगोपाल तथा उसके कुछ अन्य रिश्तेदारों ने युवक व युवती को केबल से इतना मारा कि दोनों का दम ही निकल गया। ( Murder of Daughter and Her Lover ) डीएसपी राजेश आर्य ने बताया कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है। जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस हत्या में शामिल आरोपी के दो साले परसाराम व महेंद्र सहित अन्य रिश्तेदारों की तलाश कर रही है। रानोली पुलिस ने मृतक युवक गणपत व युवती प्रेम के शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया है। मृतक गणपत के परिजन सुबह ही अस्पताल पहुंच गए थे। वहीं युवती के रिश्तेदार फरार है। ऐसे में दूर के रिश्तेदार दोपहर बाद अस्पताल पहुंचे। रानोली पुलिस हत्या में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस मोबाइल की लोकेशन भी खंगाल रही है।


Crime in Sikar : दोनों के बीच में करीब डेढ़ साल से प्रेम प्रसंग ( Love Affairs ) चलने की बात सामने आई है। युवती के परिजनों को प्रेम प्रसंग की जानकारी पता नहीं थी। गणपत पिछले ढाई साल से खाटू में ही कपड़े की दुकान चला रहा था। इसी दौरान उनके बीच में दोस्ती हुई। गणपत ने युवती को मोबाइल दे दिया। मोबाइल पर ही युवती को घर में रामगोपाल ने बात करते हुए देख लिया। वह घर से खाना खाकर बाहर घूमने के लिए जा रहा था। इसके बाद रामगोपाल ने सख्ती से बेटी से पूछताछ की तो उसने प्रेम प्रसंग की बात कबूल की। तब रामगोपाल ने दोनों साले परसाराम व महेंद्र को फोन कर बुलाया। आवेश में आकर रामगोपाल ने फोन कर बाबूलाल, नंदलाल, बीरबल, सोहनजाट सहित अन्य रिश्तेदारों को भी बुला लिया। युवती के फोन से ही उन्होंने गणपत को सुनसान जगह पर ले जाने की बात कहीं।

मृतक युवक गणपतलाल पिछले ढाई साल से खाटू में कपड़े की दुकान कर रहा था। गणपत ने ही युवती को मोबाइल लाकर दिया था। मोबाइल से ही वह युवती से बातचीत करता था। वह पहले से ही शादीशुदा था और उसके दो लडक़ी व एक लडक़ा है। गणपतलाल के पिता का भी पिछले दिनों एक्सीडेंट हो गया था। उसका भी अभी उपचार चल रहा है।


यह था मामला
खाटूश्यामजी क्षेत्र के अलौदा गांव में मंगलवार की रात प्रेम प्रसंग से नाराज पिता ने बेटी और उसके प्रेमी की अपने सहयोगियों के सहयोग से हत्या कर दी थी। आरोपी पिता रामगोपाल ने बेटी से फोन करवाकर प्रेमी गणपत को मंगलवार देर रात अपने घर बुलाया। बाद में दोनों से बुरी तरह से मारपीट की गई। फिर दोनों का गला घोंट कर हत्या कर दी तथा शव एक बोरे में भरकर जीणमाता की पहाडिय़ों में फेंक दिए। आरोपी पिता ने गुमराह करने के लिए अपनी बेटी की गुमशुदगी दर्ज करवा दी। वहीं युवक के परिजनों ने भी मुकदमा दर्ज कराया। जांच में पता चला कि दोनों की हत्या से पूर्व दोनों के साथ मंगलवार रात ही एक पेट्रोल पंप पर भी मारपीट की गई। जहां पूरी घटना सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई।

Read Full Story : बेटी से फोन करवाकर शादीशुदा प्रेमी को बुलाया, फिर पिता ने दोनों की हत्या कर शव पहाड़ी से फेंका

गणपत को युवती ने मारने की योजना बताई थी
गणपत बाइक पर बैठाकर युवती को साथ ले गया। बाइक पर ही गणपत को युवती ने मारने की योजना बता दी। गणपत घबरा गया था। बाइक में पेट्रोल कम होने पर वह पलसाना में तेल डलवाने के लिए रूका। दोनों ने बचने के लिए भागने की योजना बना ली थी। पंप पर ही दोनों को रामगोपाल व रिश्तेदारों ने पकड़ लिया। इसके बाद दोनों को पकड़ कर घर ले आए। दोनों को रिश्तेदारों ने मिलकर केबल से मारा-पीटा। दोनों की घर पर ही केबल से गला घोंट कर हत्या कर दी। इसके बाद दोनों के शवों को बोरी में बंद कर पहाडिय़ों में ले जाकर पटक आए।

16 अक्टूबर को हॉस्टल से घर आई थी युवती
जांच के दौरान सामने आया है कि रामगोपाल की तीन लडक़ी व एक लडक़ा है। मृतक युवती प्रेम सबसे बड़ी थी। बारहवीं पास करने के बाद उसका सीकर में ही कॉलेज में दाखिला कराया था। उसकी एक बेटी कुछ समय से बीमार चल रही थी। 15 दिन पहले युवती को इलाज के लिए लेकर गए थे। प्रेम को हाल ही में पिता ने सीकर के महिला महाविद्यालय के हॉस्टल में पढऩे के लिए छोड़ा था और 16 अक्टूबर को उसे दीपावली को देखते हुए घर लाया गया था। उसके बाद से वह घर पर ही रह रही थी।