
रींगस में इसलिए सडक़ पर बैठ गए ग्रामीण
सीकर. राजस्थान के सीकर जिले के रींगस कस्बे में रेलवे ट्रेक निर्माण की सामग्री लेकर आने वाले ओवरलोड डम्परों के कारण कस्बे की मुख्य सडक़ें क्षतिग्रस्त हो गई है। डम्परों की समस्या को लेकर गुरुवार को लोगों ने माछावाली ढाणी में प्रदर्शन किया और सडक़ जाम कर दिया। लोगों नगरपालिका ईओ देवीलाल बौचल्या को मौके पर बुलाकर समस्या से अवगत करवाया। अधिशासी अधिकारी ने रेलवे ट्रेक निर्माण कम्पनी व रेलवे के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर डम्परों को बंद करने की हिदायत दी। साथ ही ग्रामीणों द्वारा रोके गए डम्परों के चालकों के खिलाफ रींगस थाने में मामला दर्ज करवाया गया है। गौरतलब है कि रींगस- जयपुर रेलवे ट्रेक के निर्माण के लिए सिरसा गांव के पास निर्माण कम्पनी के द्वारा प्लांट लगाया गया है। प्लांट में आने वाले डम्परों में तीस से चालीस टन तक वजन लाया जा रहा है जिससे कस्बे की अधिकांश सडक़ें टूट चुकी है।
पालिका की सडक़ों की क्षमता 9 टन
अधिशासी अधिकारी देवीलाल बोचल्या ने बताया पालिका के द्वारा माछावाली से कोटडी फाटक तक करीब दो माह पहले नई सडक़ बिछाई गई थी जिसकी क्षमता मात्र 9 टन वजन सहन करने की है लेकिन रेलवे ट्रेक के निर्माण का सामान लेकर आने वाले वाहनों में करीब 60 से 70 टन तक वजन होता है जिससे सडक़ मात्र दो दिन में टूटने लग गई है। पालिका द्वारा डम्परों की आवाजाही रोकने के लिए माछावाली ढाणी में चार सफाई कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। रेलवे ट्रेक निर्माण सामग्री लेकर जाने वाले ओवरलोड वाहनों को लेकर कस्बे के लोग कई माह से विरोध जता रहे हंै। इन वाहनों के कारण रेनवाल रोड़ अस्पताल चोराहे से जयपुर जिले की सीमा तक पूरी तरह से क्षतीग्रस्त हो चुकी है। लेकिन प्रशासन द्वारा समस्या पर ध्यान नहीं देने के चलते आम जनता को इस टूटी सडक़ से गुजरना पड़ता है। ई्रओ देवीलाल बौचल्या ने बताया कि माछावाली ढाणी के लोगों द्वारा पिछले दो दिन से ओवरलोड वाहनों की शिकायत की जा रही थी, रेलवे ट्रेक निर्माण कम्पनी के ठेकेदार को पाबंद करने के बाद भी नहीं मानने पर डम्पर चालकों के खिलाफ थाने में मामला दर्ज करवाया गया है।
Updated on:
28 Dec 2018 04:09 pm
Published on:
28 Dec 2018 04:09 pm
