
Fake from the phone
सीकर.
शेखावाटी में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवकों से ठगी करन का धंधा तेजी से पनपता जा रहा है।थानों में पिछले दिनों लगातार ऐसे मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है।तीन-चार महिनों में प्रतिमाह आधा दर्जन से अधिक धोखाधड़ी के मामले दर्ज कराए गए हैं।लगातार खुलासों के बावजूद भी लोग झांसे में आकर गाढ़ी कमाई को लुटा रहे हैं।जब तक पता लगता है तब काफी देर हो जाती है।हालांकि कुछ मामलों में पुलिस आरोपितों तक पहुंच भी जाती है। हाल ही में सीकर के कुछ युवकों से बगड़ में एक कोचिंग संस्थान में भी नौकरी से पहले पेपर दिलाने के नाम पर ठगी करने का मामला सामने आया था। जिसमें मोटी तनख्वाह व ऐशो आराम के चलते युवा सरकारी नौकरी की आस में यहां पहुंचे थे।
लेकिन, मामला फर्जी पाने के बाद जांच अधिकारी का कहना था कि कई युवा सरकारी नौकरी पाने के लिए जी जान से संघर्ष भी करते हैं। लेकिन, प्रयास विफल होने के बाद वे इस तरह के शॉर्ट कट रास्तों को चुनते है। ऐसे में जाने-अनजाने में लोग नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के चुंगल में फंस जाते हैं।
जो कभी सरकारी तो कभी विदेश में मोटी तनख्वाह के सब्जबाग दिखाते हैं।बेरोजगारी से परेशान लोग आसानी से इनके झांसे में आ जाते है।
केस- 1
रुपए लिए और मोबाइल बंद
शहर के पुलिस थाने में दर्ज एक मामले में पीडि़त पक्ष का कहना था कि एक छुट भैया नेता ने उसकी राजनीतिक पहुंच होने की बात कहकर उसे सरकारी नौकरी लगाने का झांसा दिया था। जबकि डेढ़ लाख रुपए लेने के बाद भी वह दो महीने तक उसे बरगलाता रहा। इसके बाद संबंधित ने अपना मोबाइल बंर कर लिया और पीडि़त क उसके घर पहुंचने पर थोड़ा और समय लगने की बात कहकर मामले को टाल दिया। इसके बाद से वह घर पर भी नहीं मिल रहा है।
केस-2
एयरफोर्स में नौकरी लगाने के नाम पर ठगी
६ मार्च, को थाना सिंघाना वार्ड नौ निवासी रतनलाल नायक ने रिपोर्ट दर्ज कर बताया कि चिड़ावा के अनिल नायक से उसकी जान पहचान थी।अनिल ने उसके भांजे को फोन कर एयरफोर्स में नौकरी लगाने की बात कही।इसकी एवज में ८० हजार रुपए भी ले लिए। लेकिन एक साल तक उसे झांसे देता रहा।तकाजा करने पर रुपए लौटाने से इंकार कर दिया।
Published on:
18 Jan 2019 07:10 pm
