
सीकर.
इसे जिम्मेदारों की अनदेखी कहें या मरीजों का भाग्य कि जिले के सबसे बड़़े सरकारी जनाना अस्पताल में प्रसूताओं की सेहत को लेकर प्रबंधन गंभीर नहीं है। सीकर एसके अस्पताल से प्रसूताओं के लिए खून के पाउच बाक्स में रखकर भेजे जा रहे हैं।
जनाना अस्पताल सीकर प्रबंधन की ओर से सूचना देने के बावजूद गंदी व संक्रमित बैडशीट ढोने वाली एम्बुलेंस से खून के पाउच भेजे जा रहे हैं। ऐसे में कभी भी संक्रमण फैल सकता है और प्रसूताओं की जान खतरे में पड़ सकती है। जबकि एसके अस्पताल के ब्लड बैंक में काम आने वाली एम्बुलेंस शोपीस के रूप में अस्पताल परिसर में खड़ी रहती है।
यूं हो सकता है संक्रमण
जनाना अस्पताल नेहरू पार्क से रोजाना धुलाई के लिए गंदी बैडशीट व ऑपरेशन थियेटर में काम में लिए कपड़े धुलाई के लिए आते हैं। उस दौरान वहां से ब्लड की यूनिट ब्लड बैंक में भेजी जाती है। जिन्हें थमोकोल के क्षतिग्रस्त बाक्स में आइस पेक के साथ रखकर भेज दिया जाता है। इसके बाद उसी बॉक्स में ब्लड बैंक से खून के पाउच जनाना अस्पताल में भेजे जाते हैं। इस दौरान ब्लड के पाउच के जरिए संक्रमण मरीज के पास पहुंच जाता है। इस कारण कभी भी स्वस्थ्य व्यक्ति संक्रमण की चपेट में आ सकता है।
पीएमओ से करेंगे बात
यह सही है कि जनाना अस्पताल से गंदी बैडशीट लेकर जाने वाली एम्बुलेंस से ही खून लाया ले जाया जाता है। इस कारण होने वाली परेशानी को देखते हुए एसके अस्पताल में ब्लड बैंक की एम्बुलेंस के लिए पीएमओ से बात की जाएगी। हालांकि मरीजों में इस प्रकार से संक्रमण नहीं फैल सकता है।
-डॉ. बीएल राड, प्रभारी जनाना अस्पताल सीकर
Published on:
17 Apr 2018 06:55 pm
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