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खुल के खेलो होली, मगर ये वाला रंग कभी मत लगवाना

Holi Special : वर्ष 2018 की होली नजदीक है। गांव का गुवाड़ हो या कोई शहर का चौराहा। हर जगह सांझ ढलते ही होली धमाल कानों में मिश्री घोल रहे हैं।

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सीकर. वर्ष 2018 की होली नजदीक है। गांव का गुवाड़ हो या कोई शहर का चौराहा। हर जगह सांझ ढलते ही होली धमाल कानों में मिश्री घोल रहे हैं। चंग की थाप और धमाल पर फाग के रसिए देर रात के मस्ती कर रहे हैं। इस बीच धुलंडी की भी तैयारियां चल रही है। बाजारों में दुकानें सज गई हैं।

सीकर के बाजार में दुकानों पर सजी पिचकारी, टोपी, साफा, मुखोटा, महकते गुलाल व रंगों की दुकान लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। वहीं होली पर शहर में बिकने के लिए आया खुशबूदार गुलाल होली के रंग की मस्ती को रंगीन बना देगी।

इसके अलावा शहर में कई दुकानों पर बिक रहे केमिकल वाले रंग हमारी सेहत भी बिगाड़ सकते हैं। इन सभी से बचने के लिए हमें प्राकृतिक फूलों से तैयार की गई गुलाल से होली पर्व मनाना है। बाजार में बिकने वाले केमिकल युक्त गुलाल व रंग से एलर्जी संबंधी रोग हो सकते हैं, जो होली के रंग में भंग डाल सकते है। होली खेलते समय अगर केमिकल युक्त रंग हमारी आंख व कान में चला जाए तो इससे हमारे शरीर को नुकसान हो सकता है।

घर में तैयार करते हैं गुलाल

होली पर्व पर कई लोग अपने घरों में विभिन्न फूलों व इत्र से गुलाल तैयार करते हैं, जो शरीर को किसी प्रकार से नुकसान नहीं पहुंचाता है।

दो तरह से पहुंचाते है शरीर को नुकसान

होली पर्व पर बाजार में बिकने वाले केमिकल रंग दो तरह से एलर्जी करते हैं। इससे पूरे शरीर पर फोड़े फुल्सी आदि हो जाते हंै। वहीं दूसरी तरह शरीर पर जहां भी रंग लगता है, वहां जलन होने लग जाती हैै। वहां पर घाव हो जाता है। जिसे सही होने में काफी दिन लग जाते है।

होली खेलते समय अगर गुलाल व रंग लगाते के तुरंत बाद चेहरे पर जलन होने लगे तो समझ लेना चाहिए की रंग में केमिकल मिला हुआ है। इस पर तुरंत चेहरे को ठंडे पानी से धो लेना चाहिए।

केमिकल युक्त रंग को उतारने के लिए किसी प्रकार की कोई साबुन व लिक्विड काम में नहीं लेना चाहिए। इससे चेहरे पर एलजी बढ़ सकती है। यह रंग अपने आप कुछ दिनों बाद उतर जाता है।
डा. अरुण वर्मा त्वचा व चर्म रोग विशेषज्ञ, राजकीय डीबी अस्पताल चूरू

होली पर्व पर बाजार में बिकने वाले केमिकल रंग का उपयोग नहीं करना चाहिए। इससे त्वचा संबंधी अनेक रोग हो सकते हैं। फूलों से बनी गुलाल का उपयोग कर तिलक होली खेलनी चाहिए। बाबूलाल, शहरवासी

केमिकल वाला रंग अगर आंख में चला जाए तो आंखे खराब हो सकती है। होली खेलने से पहले चेहरे पर नारियल तेल लगाना चाहिए। इससे केमिकल युक्त रंग हमारे त्वचा को खराब नहीं कर सकते है। वाशिद, शहरवासी