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इस मामले में भी सीकर रहा था अगुवा जाने क्या था मामला

सीकर में बोए थे किसान कर्ज माफी के बीज
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इस मामले में भी सीकर रहा था अगुवा जाने क्या था मामला



दो आंदोलन के बाद बैकफुट पर आई थी पूर्ववर्ती सरकार

सीकर. मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बाद अब राजस्थान सरकार ने भी किसानों का कर्ज माफ कर दिया है। राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने किसानों के दो लाख रुपए तक के कर्ज माफी की घोषणा की है। तीनों ही राज्यों में विधानसभा चुनाव 2018 के बाद कांग्रेस की सरकार बनी है। चुनाव से पहले कांग्रेस ने सत्ता में आने पर 10 दिन में किसानों के कर्ज माफ किए जाने का वादा किया था, जो निर्धारित समय में ही पूरा कर दिया। किसानों के कर्ज माफ किए जाने के बीज मध्यप्रदेश में मंदसौर किसान आंदोलन और राजस्थान में सीकर किसान आंदोलन के जरिए बोए गए थे। बात अगर सीकर किसान आंदोलन 2017 की करें तो महज 13 दिन में ही किसानों ने तत्कालीन भाजपा सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया था और 50 हजार तक के सहकारिता के लोन तो उसी समय माफ भी करवा लिए थे, मगर इसके बाद भी सीकर के किसान चुप नहीं बैठे और पूरा लोन माफ करवाने के लिए फरवरी 2018 में फिर से आंदोलन किया।
सरकार के इस कदम से शेष किसानों ने अपने नेताओं की रिहाई, कर्ज माफी समेत अन्य मांगों को लेकर फिर से जाम लगा दिया। सीकर के रामू का बास तिराहे पर जाम लगाए बैठे किसानों के कारण तीन से चार किलोमीटर तक वाहनों की लाइनें लग गई। दो दिन के इस जाम के बाद प्रदेश के अन्य जिलों के किसानों ने भी अपने क्षेत्र में जाम लगाने को ऐलान किया तो सरकार बेकफुट पर आ गई।
उस समय राजस्थान सरकार ने केवल किसान नेताओं को रिहा किया बल्कि किसानों के सम्पूर्ण कर्ज माफ किए जाने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया। राजस्थान में सीकर किसान आंदोलन का ही नतीजा है कि इस बार चुनाव के बाद कर्ज माफ हो गए।
यह है सीकर किसान आंदोलन
एक सितम्बर २०१७ को स्वामी नाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने व लोन माफी समेत 13 मांगों को लेकर किसानों ने सीकर कृषि उपज मंडी में महापड़ाव डाला। 10 सितम्बर 2017 से किसानों ने जाम लगा दिया। 200 मार्गों में नाके बनाए और आवागमन बाधित कर डाला। इससे चूरू, झुंझुनूं, बीकानेर, नागौर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, जयपुर समेत हरियाणा व दिल्ली मार्ग बाधित हुआ। तत्कालीन वसुंधरा राजे सरकार ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल से जयपुर में वार्ता की और सहकारिता क्षेत्र में 50 हजार रुपए तक के लोन माफ किए। फरवरी 2018 में सीकर के किसानों ने सम्पूर्ण ऋण माफ किए जाने की मांग को लेकर फिर से आंदोलन किया। इस बार जयपुर कूच से पहले ही रास्ते में कालाडेरा समेत कई जगहों से पकडक़र जेल भिजवा दिया।

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