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हंसी बनी छात्रा की मौत की वजह, 24 घंटे से बवाल

सीकर. घर और स्कूल में सदैव मुस्कुराने वाली कक्षा 12वीं की छात्रा दीक्षा माथुर गुरुवार को एक्सीलेंस शिक्षण संस्थान की चौथी मंजिल से गिरी और मौत को गले लगा लिया।
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हंसी बनी छात्रा की मौत की वजह, 24 घंटे से बवाल


सीकर. घर और स्कूल में सदैव मुस्कुराने वाली कक्षा 12वीं की छात्रा दीक्षा माथुर गुरुवार को एक्सीलेंस शिक्षण संस्थान की चौथी मंजिल से गिरी और मौत को गले लगा लिया। हालांकि नाबालिग छात्रा के मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया। लेकिन, स्टाफ का तर्क है कि क्लास के दौरान छात्रा हंस रही थी। इस पर शिक्षक ने डांटा और परिजनों को फोन कर छात्रा की शिकायत की। इस घटना के बाद छात्रा वॉश रूम जाने की बात कहकर क्लास से निकली और स्कूल की चौथी मंजिल पर जा पहुंची। यहां छज्जे पर कुछ देर बैठी और देखते-देखते चौथी मंजिल से नीचे गिर पड़ी। छात्रा की मौत की सूचना पर परिजन स्कूल पहुंचे और घटना के पीछे स्टाफ को दोषी मानते हुए उन्हें गिरफ्तार करने की मांग करने लगे। परिजनों ने सालासर रोड पर जाम लगा दिया और देर रात तक बालिका का शव स्कूल से नहीं उठाया। देर रात परिजनों की सहमति पर पुलिस ने छात्रा का शव एसके अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। लेकिन, आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक परिजन अब भी छात्रा के पोस्ट मार्टम के लिए तैयार नहीं हुए। जिससे 24 घंटे से भी ज्यादा समय से शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका है।
बतादें कि बजाज रोड वार्ड-10 की 17 वर्षीय दीक्षा माथुर सालासर रोड स्थित एक्सीलेंस शिक्षण संस्थान में कक्षा 12वीं की छात्रा थी। शीतकालीन अवकाश होने के बावजूद संस्थान में अतिरिक्त क्लास लगाकर कई कक्षाओं के विद्यार्थियों को बुला रखा था।
परिजनों के अनुसार दीक्षा के स्कूल से करीब दस 10 बजे फोन आया था कि आपकी बच्ची कक्षा में हंस रही है। इस पर दीक्षा की मां ने फोन पर माफी भी मांगी थी। दो घंटे बाद स्कूल से दोबारा फोन आया कि आपकी बच्ची गिर गई है और उसे चोट लगी है।

हंसते-हंसते किया था विदा
छात्रा के परिजनों का कहना था कि स्कूल आने से पहले उन्होंने अपने दिल के टुकड़े दीक्षा को हंसते-हंसते घर से रवाना किया था। इसके बाद क्लास में हंसने पर छात्रा को डांटा भी गया है। आरोप है कि पढ़ाई के लिए दीक्षा पर अंदरूनी दबाव भी बनाया गया।
एंबुलेंस के आगे
आए परिजन
घटना के बाद जब दीक्षा के शव को पोस्टमार्टम के लिए एंबुलेंस में एसके अस्पताल भिजवाया जा रहा था तो परिजन व उनके जानकार एंबुलेंस के आगे खड़े हो गए। और दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़ गए। आक्रोशित होकर उन्होंने संस्थान के बाहर सालासर रोड पर जाम लगा दिया। नारेबाजी कर संस्थान स्टाफ के खिलाफ आक्रोश जताया। इधर, माहौल बिगड़ता देख आरएएसी का जाप्ता मौके पर बुलाया गया और समझाइश कर जाम को हटवाया गया।

विद्यार्थियों को घर से बुलाया
हादसे के बाद मौके पर चांदपोल चौकी प्रभारी हनुमान सिंह व सीओ सीटी गिरधारीलाल शर्मा मौके पर पहुंचे। इसके बाद घटना स्थल का जायजा लेने एसडीएम व तहसीलदार भी स्कूल पहुंचे। घर जा चुके विद्यार्थियों को बयानों के लिए मौके पर बुलाया गया। स्टाफ व प्रिंसीपल के बयान अलग से दर्ज किए। हालांकि सैकड़ों की भीड़ और पुलिस को देखकर बच्चे घबरा गए और बयान देने से पहले ही कई रोने लग गए। पूछताछ के लिए उन्हें अलग-अलग रूम में बुलाया गया और घटना से पहले व बाद की जानकारी जुटाई गई।