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21 वर्षीय मनीषा बनीं राजस्थान की सबसे कम उम्र की सरपंच, निर्वाचन विभाग ने 3 दिन बाद माना

राजस्थान पंचायत चुनाव ( Rajasthan Panchayat Chunav 2020 ) में इलाके की राजास ग्राम पंचायत की नवनिर्वाचित सरपंच मनीषा भास्कर ( 21 Year Old Manisha Bhaskar Win Election ) ने मात्र 21 वर्ष की उम्र में ही सरपंच बनकर राजस्थान की सबसे कम उम्र ( Rajasthan's Youngest Sarpanch ) की सरपंच का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

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सीकर

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Naveen Parmuwal

Jan 21, 2020

राजस्थान की सबसे कम उम्र की सरपंच बनीं 21 वर्षीय मनीषा, निर्वाचन विभाग ने 3 दिन बाद माना सही

राजस्थान की सबसे कम उम्र की सरपंच बनीं 21 वर्षीय मनीषा, निर्वाचन विभाग ने 3 दिन बाद माना सही

लक्ष्मणगढ़.
राजस्थान पंचायत चुनाव ( Rajasthan Panchayat Chunav 2020 ) में इलाके की राजास ग्राम पंचायत की नवनिर्वाचित सरपंच मनीषा भास्कर ( 21 Year Old Manisha Bhaskar Win Election ) ने मात्र 21 वर्ष की उम्र में ही सरपंच बनकर राजस्थान की सबसे कम उम्र ( Rajasthan's Youngest Sarpanch ) की सरपंच का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। मनीषा ने 991 मतों से जीतकर इलाके की सबसे बड़ी जीत भी अपने नाम कर ली। मनीषा ने चुनाव में अपनी निकटतम प्रतिद्वंदी रजिया बानो को हराया। निर्वाचन विभाग की एक बड़ी गलती के कारण सीएम अशोक गहलोत सहित अन्य लालासी सरपंच सुचित्रा कुमारी को सबसे कम उम्र की सरपंच बताते हुए सोशल मीडिया पर बधाई संदेश पोस्ट कर चुके है। पत्रिका संवाददता को जानकारी मिलने पर अपने स्तर पर जांच पड़ताल शुरू की। दरहसल आरओ व बीएलओ की गलती के कारण मनीषा की उम्र निर्वाचन विभाग के रिकॉर्ड में 26 साल दर्ज कर दी गई। पत्रिका संवाददाता ने सोमवार को उपखंड कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों को जब मनीषा की सही जन्मतिथि के बारे में अवगत कराया तो उन्होने अपनी गलती मानते हुए इसे दूरूस्त किया।

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इन्होंने जारी रखा जीत का क्रम : इलाके में पंचायत चुनावों में कुछ ऐसे परिवारों के सदस्यों ने अपने अपने परिवार की विरासत को आगे बढ़ाया है, जो पिछले काफी वर्षो से राजनीति में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सक्रिय है। सिंगोदड़ा से महेश ढ़ेवा ने जहां लगातार दूसरी बात जीत दर्ज की है, वहीं नरोदड़ा से जीते महेन्द्र ख्यालिया ने लगातार दूसरी बार सरपंच का ताज पहना है। इससे पहले उनकी पत्नी भी सरपंच रह चुकी है। इसके अलावा बठोठ से जीते अजय सिंह ने भी अपनी पत्नी निर्मला कंवर की कमान संभाली है।

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निर्मला बठोठ की निवर्तमान सरपंच है। इसके अलावा खींवासर से जीती विमला देवी चलका ने अपने पति रामस्वरूप चलका की विरासत को आगे बढ़ाया है। रामस्वरूप यहां निवर्तमान सरपंच है। इसी प्रकार खुड़ी बड़ी से विमला देवी ने लगातार अपनी दूसरी जीत दर्ज की है, इससे पहले इनके पति रामावतार महला सरपंच थे। इसी प्रकार रोरू बड़ी से जीते महेन्द्र सिंह गुर्जर वहां से वर्तमान डायरेक्टर भी है। इसी प्रकार बगड़ी से राजकुमारी ने भी लगातार दूसरी जीत दर्ज की है। धाननी में जीती गौरी देवी ने अपने बेटी की विरासत संभाल ली है। बेटी सुमन देवी यहां से निवर्तमान सरपंच है। इसी प्रकार घस्सू से जीती सुंदर देवी के पुत्र मुकेश वर्मा वर्तमान पंचायत समिति में उपप्रधान है। खेड़ी राड़ान की सामान्य महिला सीट पर एसटी वर्ग से आने वाली सीता देवी मीणा ने भी सरपंच बनकर सबको चौंका दिया। मीणा लक्ष्मणगढ़ पंचायत समिति में एसटी वर्ग से बनने वाली पहली सरपंच है।

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विरासत में मिली राजनीति
मनीषा को राजनीति विरासत में मिली है। मनीषा की सास शांति देवी जहां पूर्व में लक्ष्मणगढ़ नगरपालिका में मनोनीत पार्षद रह चुकी है, वहीं ससुर सुल्तान सिंह भास्कर पूर्व में जिप सदस्य थे। पत्रिका से बातचीत में राजस्थान की सबसे युवा सरपंच मनीषा ने बताया कि सबसे कम उम्र की सरपंच बनकर गौरवान्वित महसूस कर रही है। मनीषा ने परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए बिना किसी भेदभाव के ग्राम पंचायत में विकास कार्य करवाने की बात कही। मनीषा के अलावा बलारां के युवा विकासराज ने 24 वर्ष की उम्र में ही पिता हेमराज की विरासत संभाल ली है। हेमराज बलांरा के निवर्तमान सरपंच है। एमएससी तक पढे विकासराज वर्तमान में जयपुर से आरएएस की तैयारी बीच में छोडकऱ पिता के सपनों को पूरा करने राजनीति में उतरे है। इसी प्रकार लालासी से जीती सुचित्रा एमए की छात्रा है।