
Lok Sabha Election : वापसी की तैयारी में कांग्रेस तो बचाने की जुगत में भाजपा, ये रहेगा सबसे बड़ा मुद्दा
सीकर.
शेखावाटी की सियासी तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। झुंझुनूं जिले में भाजपा-कांग्रेस ने नए चेहरों पर दावं खेलकर सभी को चौका दिया है। भाजपा ने शुक्रवार को जारी सूची में चूरू संसदीय क्षेत्र से मौजूदा सांसद राहुल कस्वा पर फिर भरोसा जताया है। इस सीट को लेकर कई दिनों से भाजपा आलाकमान संशय में था, लेकिन आखिरकार कस्वा के नाम पर ही मुहर लगी है। चूरू में कांग्रेस ने मुस्लिम वोट बैंक पर पकड़ बनाने के लिए मुस्लिम कार्ड खेलते हुए रफीक मंडेलिया को मैदान में उतार दिया है। सीकर संसदीय सीट पर भाजपा की टिकट पर तीन बार जीतने वाले सुभाष महरिया पर कांग्रेस ने दावं खेल दिया है। पिछले चुनाव में हार के बाद महरिया ने कांग्रेस ने दामन थाम लिया था। जबकि भाजपा ने यहां संत कार्ड खेला है। माकपा से अमराराम ही सीकर से प्रत्याशी होंगे। वह पहले इस सीट से चुनाव लड़ चुके है। अब सभी की नजर बसपा के टिकट पर है। अभी बसपा ने अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। झुंझुनूं जिले में सियासी परिवार से जुड़ी दावेदार की टिकट कटने को लेकर सियासी गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं है।
एक भी महिला प्रत्याशी नहीं
शेखावाटी की तीनों सीटों पर फिलहाल कोई महिला प्रत्याशी नहीं है। जबकि पिछले चुनाव में झुंझुनूं जिले में दो महिला प्रत्याशी थी। तीनों ही जिलों में भाजपा-कांग्रेस ने वोट बैंक व जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखकर टिकट वितरण किया है।
पहले कांग्रेस का 1 विधायक अब 5
झुंझुनूं लोकसभा क्षेत्र में कुल आठ विधानसभा क्षेत्र हैं। इनमें से वर्तमान में पांच पर कांग्रेस, दो जगह भाजपा व एक जगह बसपा के विधायक जीते हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा जीती थी, तब आठ में से कांग्रेस का मात्र एक विधायक था। तीन निर्दलीय, तीन भाजपा व एक बसपा से जीता हुआ था।
तीनों जिलों में नहरी पानी सबसे बड़ा मुद्दा
शेखावाटी की तीनों सीटों के चुनाव में नहरी पानी सबसे बड़ा मुद्दा है। पिछले चुनाव में भी यह मुद्दा गंूजा था लेकिन आमजन की आस अभी तक पूरी नहीं हुई है। जबकि मेडिकल कॉलेज, बॉडग्रेज व लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन व शेखावाटी संभाग सहित दस अहम मुद्दे है।
चूरू में आपसी खींचतान बनी देरी
भाजपा में आपसी खींचतान के चलते टिकट वितरण में देरी हुई है। शीर्ष नेतृत्व ने जयपुर और दिल्ली में कई दौर की वार्ताएं कर मामले को सुलझाने का भी प्रयास किया लेकिन बाद में संसदीय कमेटी के निर्णय के बाद राहुल के नाम पर मुहर लगी।
Updated on:
30 Mar 2019 01:32 pm
Published on:
30 Mar 2019 01:32 pm
