
सीकर. बोफोर्स घोटाले की गूंज के बीच हुए 1989 के लोकसभा चुनावों की यादें आज भी शेखावाटी के लोगों के जेहन में ताजा है। देश के दो राजनीतिक दिग्गजों के कारण सीकर उस समय हॉट सीट बन गई थी। कांग्रेस ने तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष व दिग्गज नेता चौधरी बलराम जाखड़ को प्रत्याशी बनाया था तो उनके सामने संयुक्त विपक्षी उम्मीदवार के रूप में ताल ठोकी थी उनके ही रिश्तेदार हरियाणा के मुख्यमंत्री और ताऊ के नाम से मशहूर चौधरी देवीलाल ने।
इस चुनाव की गूंज देशभर से साथ अंतरराष्ट्रीय जगत में सुनाई दी थी। इसे कवर करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी के मशहूर रिपोर्टर मार्कटली भी सीकर आए थे। इस चुनाव से जुड़ी रोचक बातों में से एक दिलचस्प पहलू यह भी था कि चौधरी देवीलाल ने पूरे चुनाव के दौरान अपने विजय रथ से प्रचार किया और वे रथ से नीचे नहीं उतरे। इस तरह उन्होंने बिना सीकर की धरती पर पैर रखे यहां से चुनाव जीत लिया था। देवीलाल का प्रचार करने के लिए भाजपा के शीर्ष नेता अटल बिहारी वाजपेयी सीकर आए थे।
मोहम्मद रफीक चौधरी कहते हैं कि चौधरी देवीलाल ने किसानों से एक रूपए के साथ एक वोट देने की अपील की थी। इसका असर भी हुआ और लोगों ने उन्हें रुपए भी दिए और वोट भी। किसान नेता दिनेश सिंह जाखड़ बताते हैं कि चौधरी देवीलाल को बलराम जाखड़ जैसे दिग्गज नेता की छवि व सीकर में उनकी जनता में पकड़ को देखते हुए इस तरह के भावनात्मक जुड़ाव की जरूरत थी। इसका परिणाम यह हुआ कि वे बलराम जाखड़ जैसे दिग्गज नेता को हराने में कामयाब रहे।
Published on:
10 Apr 2024 11:46 am
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