किसी की टूटी आस तो किसी को मिली दाखिले की खुशी

सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में प्रवेश को लेकर लगातार विद्यार्थियों में क्रेज बढ़ रहा है। पिछले साल के मुकाबले प्रदेश के अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में दाखिले की दौड़ इस बार ज्यादा रही है।

By: Sachin

Published: 21 Jul 2021, 06:46 PM IST

सीकर. सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में प्रवेश को लेकर लगातार विद्यार्थियों में क्रेज बढ़ रहा है। पिछले साल के मुकाबले प्रदेश के अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में दाखिले की दौड़ इस बार ज्यादा रही है। इस बार प्रदेश के नामी निजी स्कूलों की तरह राजकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में भी एक सीट के लिए आठ से लेकर 23 विद्यार्थियों के बीच दौड़ देखने को मिली। सबसे ज्यादा टक्कर प्रदेश की राजधानी जयपुर के अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में देखने को मिली। इसके अलावा जोधपुर, कोटा, अलवर, भतरपुर, सीकर व उदयपुर सहित अन्य जिलों में भी प्रवेश को लेकर काफी मारामारी रही। इस बार आईएएस, आरएएस से लेकर विधायकों के बच्चों ने प्रवेश के लिए आवेदन फार्म भरे थे। मंगलवार को प्रदेशभर में अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की लॉटरी निकाली गई।

केस एक: विद्याद्यर नगर स्कूल में 1400 आवेदन
प्रदेश की राजधानी जयपुर में इस बार राजकीय महात्मा गांधी स्कूल में सबसे ज्यादा दाखिले की दौड़ रही। यहां प्रदेश में सबसे ज्यादा 1400 आवेदन 60 सीटों के लिए आए।


केस दो: आदर्श स्कूल में 60 सीटों के लिए 950 आवेदन

राजकीय महात्मा गांधी स्कूल आदर्श नगर जयपुर में दाखिले के लिए कड़ी टक्कर विद्यार्थियों में देखने को मिली। यहां 60 सीटों के लिए 950 आवेदन आए। प्रवेश के लिए मंगलवार को लॉटरी निकाली तो किसी के सपने पूरे हुए तो कई की राजकीय स्कूल मेंं प्रवेश की आस टूट गई।

केस तीन: जोधपुर में 650 आवेदन
जोधपुर जिला मुख्यालय के अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में प्रवेश के लिए इस बार काफी मारामारी देखने को मिली। यहां 650 विद्यार्थियों के लिए लॉटरी निकाली गई। लॉटरी के बाद 60 विद्यार्थियों को दाखिला दिया गया।


केस चार: सीकर व श्रीमाधोपुर में क्रेज कम नहीं

सीकर जिला मुख्यालय के अंग्रेजी माध्यम स्कूल में 154 फार्म जमा हुए। जांच में 51 आवेदन फार्मो को रद़्द कर दिया गया। इसके बाद 30 सीटों के लिए 103 आवेदन फार्मो की लॉटरी निकाली गई। इसी तरह श्रीमाधोपुर स्कूल में 225 आवेदन फार्मो की लॉटरी निकाली गई।

एक्सपर्ट व्यू:
कोरोना में नए विकल्प के तौर पर उभरे अंग्रेजी माध्यम

कोरोनाकाल में सैकड़ों अभिभावकों के रोजगार छीन गए। ऐसे में बच्चों को अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में लगातार पढ़ाई करना उनके लिए काफी बढ़ी चुनौती थी। ऐसे में राजकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल नए विकल्प के तौर पर सामने आए है। सरकार को अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की संख्या और बढ़ानी चाहिए जिससे गांव-ढाणियों के विद्यार्थियों का अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढऩे का सपना साकार हो सके।

विपुल सिंह, सीकर


इनका कहना है
कोरोनकाल में मिली राहत
अंग्रेजी माध्यम स्कूलों से अभिभावकों को कोरोनकाल में काफी राहत मिली है। पहले सरकार ने जिला मुख्यालयों पर अंग्रेजी माध्यम स्कूल शुरू किए थे। परिणाम काफी अच्छे मिले तो ब्लॉकों में भी अंग्रेजी माध्यम स्कूल शुरू कर दिए है। एक-एक सीट के लिए 20 से अधिक बच्चों में प्रतिस्पर्धा सामने आई है।
गोविन्द सिंह डोटासरा, शिक्षा मंत्री


सीटों से कई गुणा आवेदन
शैक्षिक गुणवत्ता सहित अन्य नवाचारों की वजह से प्रदेश के राजकीय महात्मा गांधी अंग्रेजी विद्यालयों में प्रवेश को लेकर विद्यार्थियों में इस साल भी काफी उत्साह देखने को मिला है। इस बार भी सीटों से कई गुणा आवेदन फार्म स्कूलों में जमा हुए। प्रवेश के लिए लॉटरी मंगलवार को निकाली गई।

सौरभ स्वामी, निदेशक, शिक्षा विभाग

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