5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Sikar Fire Video : सील कैप खोलते ही धधका सिलेंडर, भयंकर आग से 13 जने झुलसे

Fire in sikar : दर्दनाक हादसा शुक्रवार शाम करीब सात बजे राजस्थान के सीकर शहर के वार्ड 11 तहसील के पीछे स्थित मकबूल लीलगर के मकान में हुआ।
2 min read
Google source verification
sikar me aag

fire in sikar

सीकर.

सील कैप हटाते ही गैस सिलेंडर से उठी आग की लपटों ने 13 जनों को घेर लिया। गंभीर रूप से झुलसे घायलों को सीकर के कल्याण अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। दर्दनाक हादसा शुक्रवार शाम करीब सात बजे राजस्थान के सीकर शहर के वार्ड 11 तहसील के पीछे स्थित मकबूल लीलगर के मकान में हुआ। हादसे के बाद मौके पर पहुंची दो दमकलों ने आग पर काबू पाया।

हादसे में झुलसे लोग एक परिवार व पड़ोस के है। हादसे के बाद पुलिस व प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। जानकारी के अनुसार गैस सिलेंडर खत्म होने पर मकबूल के परिवार ने शाम को ही नया सिलेंडर मंगवाया था। उसकी पुत्रवधु नजमा ने मकान में बने चौक में चूल्हे के पास जैसे ही सिलेंडर की कैप हटाई उसमें से गैस निकलने लगी। गैस ने तत्काल ही आग पकड़ ली।

आग की लपटें देख लोग व पड़ोस में खेल रहे बच्चे अंदर गए। सभी आग की पलटों के बीच आ गए। लोगों ने आग से झुलसे लोगों को बाहर निकाला। इस दौरान घर में रखे कपड़ों व अन्य सामान ने भी आग पकड़ ली। सूचना पर दमकल की दो गाडिय़ां मौके पर पहुंची। बाद में आग पर काबू पाया।


परिवार के पांच लोग व पड़ोसी झुलसे


गैस सिलेंडर से लगी आग में परिवार का मुखिया मकबूल लीलगर (60), पुत्रवधु नजमा ( 35), पुत्र मोबारिक (36), पोता आदिल (15 ) पड़ौस के बच्चे शारुख (10), तनवीर (10), उमर (8), तोफिक (22), शाहिल (10), रिहान (8) गुलशन बानो व एक अन्य झुलस गया। सभी घायलों का यहां अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।

कहीं भट्टी से तो नहीं पकड़ी आग


हादसे का कारण जांच के बाद स्पष्ट हो पाएगा। लेकिन आग के बाद भी गैस चूल्हे की पाइप और रेगूलेटर सुरक्षित था। एेसे में यह तो तय है कि सिलेंडर की सील कैप खोलते ही गैस लिकेज हो गई। गैस चूल्हा मकान के बंद चौक में रखा था। वहां पर साबुन का पेस्ट बनाने का काम भी किया जाता है। लोगों ने बताया कि इसके लिए वहां भट्टी जल रही थी।

गैस ने भट्टी के कारण आग पकड़ ली। आग ने तत्काल भयंकर रूप धारण कर लिया। एेसे में घर के सदस्य बाहर नहीं निकल पाए। घर के अंदर गए लोग भी आग की लपटों में घिर गए। आग की लपटे बकरियों के बाड़े तक पहुंच गई।