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नेताओं की झंडी के बिना निकली महामना एक्सप्रेस, स्टेशन पर लोगों ने ही किया स्वागत

सीकर-रींगस ब्रॉडगेज ट्रेका उद्घाटन रविवार को बिना नेताओं के ही हो गया। इस ट्रेक पर चलकर आई पहली ट्रेन महामना एक्सप्रेस के आगमन और प्रस्थान के समय किसी भी पाटी का कोई नेता या जनप्रतिनिधि रेलवे स्टेशन नहीं पहुुंचा।
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सीकर-रींगस ब्रॉडगेज ट्रेका उद्घाटन रविवार को बिना नेताओं के ही हो गया। इस ट्रेक पर चलकर आई पहली ट्रेन महामना एक्सप्रेस के आगमन और प्रस्थान के समय किसी भी पाटी का कोई नेता या जनप्रतिनिधि रेलवे स्टेशन नहीं पहुुंचा।

नेताओं की झंडी के बिना निकली महामना एक्सप्रेस, लोगों ने किया स्वागत

सीकर.

सीकर-रींगस ब्रॉडगेज ट्रेका उद्घाटन रविवार को बिना नेताओं के ही हो गया। इस ट्रेक पर चलकर आई पहली ट्रेन महामना एक्सप्रेस के आगमन और प्रस्थान के समय किसी भी पाटी का कोई नेता या जनप्रतिनिधि रेलवे स्टेशन नहीं पहुुंचा। जनता ने ही रेलवे के लोको पायलेट व अन्य स्टाफ का माला पहनाकर स्वागत किया। फतेहपुर स्टेशन पर भी लोगों ने रेल का स्वागत किया। खास बात यह रही कि पहली बार चलकर आई ट्रेन में एसी समेत सभी डिब्बे यात्रियों से भरे हुए थे।

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नेता नहीं कर पाए जनता की मांग पूरी
सीकर में ब्रॉडगेज पर ट्रेनों के दावे तो यहां के नेताओं ने खूब किए, लेकिन वे जनता की मांग अभी तक पूरी नहीं कर पाए हैं। ट्रेन के आगमन पर नेताओं के नहीं आने से वहां उपस्थित जनता में यह ही चर्चा रही। हालांकि इस दौरान रेलवे के अधिकारियों का कहना था कि ट्रेन आगमन की सीकर के सांसद को सूचना दी गई थी। यहां ब्रॉडगेज पर पहली ट्रेन वर्ष 2015 के सितंबर माह में दिल्ली के लिए शुरू हुई थी। उस दौरान जनता की मांग पर उपस्थिति जन प्रतिनिधियों ने दिल्ली की नियमित ट्रेन शुरू करवाने का दावा किया था, लेकिन यह दावा आज भी दावा ही है। इसके अलावा डेमू ट्रेन को चूरू से शुरू किया गया था। चूरू-सीकर डेमू ट्रेन को चूरू सांसद की उपलब्धि बताया जाता है। लेकिन सीकर के जनप्रतिनिधियों ने भी यहां ट्रेन के स्टाफ का स्वागत करने के साथ लम्बी दूरी की ट्रेने सीकर से चलवाने की बात कहीं थी।