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यहां की जमीन से निकल रहे हैं नर कंकाल, 5 साल से सिलसिला जारी रहने पर पूरा गांव दहशत में

ऐसा इन दिनों राजस्थान के चूरू जिले की सादुलपुर तहसील के गांव खुड्डी में हो रहा है।
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सीकर

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Vishwanath Saini

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Updated: 2 Oct 2017, 12:35 PM IST

churu

सादुलपुर. नर कंकाल। नाम ही डरावना सा है, मगर सोचो एक के बाद एक करके पांच नर कंकाल मिले तो देखने वालों का डरना जायज है। यही नहीं बल्कि यह सिलसिला पांच साल से जारी हो तो पूरे गांव में दहशत का माहौल तो होगा ही। कुछ ऐसा ही इन दिनों राजस्थान के चूरू जिले की सादुलपुर तहसील के गांव खुड्डी में हो रहा है।

जानिए क्या है ये पूरा मामला

-गांव खुड्डी में जमीन समतलीकरण के दौरान पांच नर कंकाल मिले हैं।
-सूचना मिलने पर रविवार को एसडीएम सुभाष भडिय़ा गांव पहुंचे।
-उन्होंने गांव के लोगों से इस संबंध में जानकारी हासिल की।
-भूपसिंह पूनिया तथा पुरुषोत्तम ने बताया कि डूंगी डाबर स्थित गोगाजी मेड़ी में भंडारा और जागरण को लेकर गांव के लोग ट्रेक्टरों से जमीन का समतलीकरण कर रहे थे।
-इस दौरान जमीन में दबे पांच नर-कंकाल के अवशेष मिले। जिनमें मानव की खोपड़ी की हड्डी, दांत, जाड़ आदि हैं।
-मामूली खुदाई पर हड्डियां हाथों में आ जाती हैं तथा जमीन पर शव जैसी आकृति नजर आती है।
-इसके अलावा हड्डियों के साथ-साथ प्राचीन सिक्के भी मिले हैं।
-ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी ग्रामीणों को सिक्के एवं मटकों के टूटे टुकड़े मिल चुके हैं। करीब पांच वर्ष पहले भी हड्डियां मिली थीं। लेकिन जानवरों की हड्डियां समझकर कोई ध्यान नहीं दिया।

युद्ध के दौरान के हो सकते शव

ग्रामीणों कहना है कि उनके पूर्वजों ने बताया कि पचास वर्ष पहले तक कोई कब्रिस्तान नहीं था। लोकदेवता गोगाजी एवं उनके भाई अर्जन-सर्जन के बीच खुड्डी में युद्ध हुआ था। इस दौरान युद्ध में मारे गए लोगों के ये कंकाल हो सकते हैं। युद्ध के बाद यहां भूमि से लोक देवता गोगाजी की प्रतिमा निकली थी। जो आज भी मेड़ी में विराजमान है।

ग्रामीणों का लगा तांता
गांव में रविवार को दिनभर ग्रामीणों का तांता लगा रहा तथा मेड़ी में प्रसाद चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की। एसडीएम सुभाष भडिय़ा ने बताया कि घटना का मौका-निरीक्षण किया गया है तथा पुरातत्व विभाग को सूचना दी गई है तथा जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इधर ग्रामीणों ने अधिकारियों पर सूचना देने के बावजूद मौके पर नहीं पहुंचने का आरोप लगाया।