
Milk Supply will short till 10 june 2018 in Rajasthan
सीकर. राजस्थान में किसान बचाओ देश बचाओ संघर्ष समिति की ओर से शुक्रवार को शुरू हुआ भारत बंद का शेखावाटी के तीनों जिलों में मिला-जुला असर देखने को मिला। एक जून को सीकर मंडी का अवकाश होने के कारण किसान अपनी उपज लेकर नहीं पहुंचे। दूध उत्पादकों ने लोटस डेयरी में 10 जून तक दूध के परिवहन को रोकने का निर्णय किया। इसके बाद पलसाना इलाके में मंढ़ा से पलसाना तक वाहन रैली निकाली। किसान संगठनों ने कहा कि किसान अपनी उपज भी लेकर नहीं जाएंगे। सरस डेयरी पलसाना के एमडी को शनिवार से डेयरी में दूध की आपूर्ति रोकने की चेतावनी दी। हालांकि शहर में जन जीवन सुचारू रहा।
झुंझुनूं में नहीं चली ग्रामीण रूट की कई बस
झुंझुनूं जिले में जहां पर कई जगह निजी बसों का संचालन बंद रहा वहीं कई गांवों से आने वाली दूध एवं सब्जी शहर में नहीं आने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बंद के दौरान जिला मुख्यालय से चलने वाली ग्रामीण रूट की निजी बसें बंद रही। बंद के चलते सुलताना क्षेत्र में किसानों से अपना दूध सड़क पर डालकर विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि इस सम्बन्ध में पुलिस एवं जिला प्रशासन को बंद को लेकर पहले कोई सूचना नहीं दी गई थी। शहर में बंद के दौरान भी जनजीवन सामान्य रहा।
किसानों का खुद का निर्णय
किसान मजदूर महासंघ की ओर से प्रस्तावित बंद को सीकर जिले में अखिल भारतीय सभा किसान सभा की ओर से नैतिक समर्थन दिया गया है। सभा के महासचिव सागर खाचरिया ने बताया कि किसान अपनी उपज और दूध का परिवहन रोकने का निर्णय खुद लेगा हालांकि महासंघ के निर्णय के अनुसार एक से 10 जून तक किसान गांव में रोकने के निर्देश है। कर्ज माफी और स्वामीनाथन आयोग की पालना को लेकर किसान सभा के बैनर तले छह जून को जिला व तहसील स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान आगामी रणनीति तय की जाएगी।
चूरू प्रदेश में सबसे गर्म, पारा 49.7 डिग्री
चूरू. राजस्थान में शुक्रवार को चूरू भट्टी की तरह तप उठा। तापमान 49 डिग्री को पार कर गया। आसमान से बरसी आग ने आमजन को झुलसाकर रख दिया। प्रदेश के सबसे अधिक गर्म रहे चूरू का जनजीवन ठहर सा गया। आग बरसाते सूर्य देव ने आमजन की राह रोक दी। लोग घरों और कार्यालयों में दुबके रहे। मौसम विभाग ने अधिकतम 49.7 तथा न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया।
सुबह से आक्रामक तेवरों के साथ उदय हुए सूर्य की किरणों से धरा लाल हो गई। तपनी जमीन पर खड़ी इमारते आग उगलने लगी तो पेड़ों की छाया में लोगों को राहत नहीं मिली। गर्मी के चलते घरों व कार्यालयों में कूलर व एसी में बेअसर रहे।
Updated on:
01 Jun 2018 09:07 pm
Published on:
01 Jun 2018 09:03 pm
