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खुलासा : नोटबंदी के बाद प्रदेश के बैंकों में जमा हुए थे जाली नोट, इस तरह मशीन को भी लगाया चूना

नोटबंदी से पहले और इसके बाद प्रदेश के बैंकों में जमा कराई गई भारतीय मुद्रा नकली पाई गई है।
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सीकर

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Vishwanath Saini

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Updated: 11 Apr 2018, 7:04 PM IST

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जोगेन्द्र सिंह गौड़
सीकर. नोटबंदी से पहले और इसके बाद प्रदेश के बैंकों में जमा कराई गई भारतीय मुद्रा नकली पाई गई है। जिसमें सीकर के बैंक भी शामिल हैं। रिजर्व बैंक कार्यालय में जब इन नोटों की जांच की गई तो रिपोर्ट देखकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए। एेसे में अब जाली नोटों के संबंध में अन्वेषण के लिए प्राथमिक दर्ज कराकर उन लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। जिन्होंने ये नकली नोट संबंधित बैंकों में जमा कराए हैं। एेसी ही एक मुकदमा रिजर्व बैंक ने सीकर कोतवाली पुलिस के पास भी सोमवार को भिजवाया है। जिसकी जांच-पड़ताल में पुलिस गहराई के साथ जुटी हुई है।


जानकारी के अनुसार थानाधिकारी नोडल पुलिस थाना जयपुर (पूर्व) गांधीनगर में रिजर्व बैंक कार्यालय में पाए गए जाली नोटों के संबंध में रिपोर्ट दी गई है। जिसमें बैंक के अधिकारियों ने उल्लेख किया है कि अप्रेल2016से दिसंबर 2016 के दौरान सीकर जिले में स्थित एसबीआई-एसबीबीजे की तिजोरी द्वारा भेजे गए 500 व सौ के नोट नकली बताए गए हैं। हालांकि पुलिस के पास इन जाली नोटों के पकडे़ जाने की तिथि, सीरीज नंबर व पैनल नंबर भी भिजवाए गए हैं। जिनके आधार पर दोषी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही गई है। इधर, आरबीआई के बैंक प्रबंधक सुरेश कुमार से जब जाली नोटों के संदर्भ में बात की गई तो उन्होंने प्रदेश में स्थित कई बैंकों से जाली नोट जारी होने की बात स्वीकारी है। लेकिन, जारी होने वाले नकली नोटों की कीमत के बारे में उन्होंने पल्ला झाड़ लिया और सारी जानकारी केंद्रीय सेंट्रल ऑफिस में भिजवा देने की बात कही है।


पकड़ में आए थे40 हजार नोट
आठ नवंबर2016को देश में नोटबंदी की गई थी। इसके छह महीने के दौरान ही40 हजार नकली नोट पकड़े गए थे। जिसमें 17 सीमावर्ती राज्यों से दो हजार व500के हजारों नोट शामिल थे। जिनकी कीमत एक करोड़ 62लाख से अधिक बताई गई थी। इनमें बंगाल, असम, पश्चिमी बंगाल की सीमा के अलावा गुजरात में भी नकली नोट मिले थे।


मशीन बेकार साबित हुई
एसबीआई सीकर के ग्राहक सेवा के चीफ मैनेजर देवेंद्र जोशी का कहना है कि रिजर्व बैंक में भिजवाए गए नोट मशीन से होकर गुजरे थे। हालांकि मशीन एेसे नकली नोटों को अलग कर देती है। लेकिन, इसके बाद भी जाली नोट आरबीआई कार्यालय तक पहुंचे हैं। एेसे में ये नोट कब किसने जमा कराए। यह पकड़ पाना मुश्किल साबित हो सकता है।


प्रधानमंत्री के दावे पर प्रश्न चिह्न
नोटबंदी के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा था कि सीमापार से बहुत बड़ी मात्रा में नकली करेंसी भारत में आई है। एेसे में देश में नकली नोटों का प्रचलन रोकने1000 व500के नोट बंद किए गए हैं। दावा था कि नए नोटों में हाई सिक्योरिटी फीचर है। जिससे इनके नकली नोट बाजार में नहीं आ सकते हैं। लेकिन, बावजूद इसके जाली नोट मिलने से इन दावों की पोल भी खुल गई है।


एसबीआई-एसबीबीजे से जारी हुए जाली नोट
एसबीआई-एसबीबीजे सीकर की शाखा से जाली नोट जारी होने की रिपोर्ट मिली है। जिसकी तफ्तीश की जा रही है। हालांकि मामला गंभीर है, एेसे में बैंक अधिकारियों से पूरी जानकारी जुटाकर मामले का खुलासा किया जाएगा।
महावीर सिंह राठौड़, कोतवाल सीकर