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अगले महीने होगा धार्मिक परम्पराओं का अनूठा संगम, जाने क्या है खास

शुभ संयोगों के साथ आ रही है आखातीज
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अगले महीने होगा धार्मिक परम्पराओं का अनूठा संगम, जाने क्या है खास

सीकर.

अबूझ मुहूर्त और स्नान व दान की पावन तिथि अक्षय तृतीया सात मई मंगलवार को है। इसे आखातीज और वैशाख तीज भी कहा जाता है। यह भारत में बड़े पर्व के रूप में मनाई जाती है। आखातीज पर अबूझ मुहूर्त होने से शादी-विवाह की धूम रहेगी। भगवान परशुराम की जयंती पर भी इस दिन कई आयोजन होंगे।
पंचांग के अनुसार पर इस बार आखा तीज पर चार बड़े ग्रह सूर्य, शुक्र, चंद्र और राहू अपने से उच्च राशि में हैं। यह बेहद शुभ संयोग माना जाता है। ऐसा योग पहले 2003 में बना था। इस दिन दान का बड़ा महत्व है।
साथ ही सोना-चांदी खरीदने का रिवाज भी है। इस दिन दान-पुण्य करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। सस्ती और सरलता से मिलने वाली चीज का जरूरतमंद को दान किया जाए तो अक्षय फल की प्राप्ति होती है।
यह करें दान
अक्षय तृतीया पर दान का विशेष महत्व है। इस दिन गरीब बच्चों को दूध, दही, मक्खन, पनीर आदि का दान करने से विद्या की देवी सरस्वती का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। जौ, तिल एवं चावल का दान करने से अन्न की कमी नहीं रहती।
ऐसे खरीदें सोना
अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने का बड़ा महत्व है। मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में सोना खरीदकर घर लाने से लक्ष्मी का वास होता है। अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने का शुभ समय सुबह 6.26 मिनट से शुरू होकर रात 11.47 तक है।
यह है अक्षय तृतीया का महत्व
सतयुग और त्रेता युग का प्रारंभ इसी तिथि से हुआ था। ऐसा माना जाता है। भगवान विष्णु नर-नारायण के रूप में एवं हृयग्रीव और परशुराम का अवतरण भी इसी तिथि को हुआ था। पवित्र धाम बद्रीनाथ और केदारनाथ के कपाट भी इसी दिन खुलते हैं। अक्षय तृतीया को भगवान गणेश एवं माता लक्ष्मी की पूजा भी की जाती हैं। पंडित दिनेश मिश्रा ने बताया कि इस बार अक्षय तृतीया तिथि को तृतीया तिथ पूरे दिन रहेगी। साथ ही रोहणी नक्षत्र और वृष का चंद्रमा रहेगा। साथ ही रवि योग व राज योग का संयोग भी रहेगा।