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YouTube पर बाबा श्याम को देख दिवाना हुआ ये परिवार, दर्शन के लिए सात समुंदर पार कर पहुंचे खाटूधाम

बाबा श्याम की सांवली सलौनी सूरत विदेश में रहने वाले एक परिवार के मन में ऐसी मूरत बनकर बस गई है कि वो उसकी एक झलक की ललक लिए सात समंदर पार खीचे आए हैं। वो भी तब जब इस परिवार ने अब तक सिर्फ सोशल मीडिया पर बाबा श्याम को देखा था।
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बाबा श्याम की सांवली सलौनी सूरत विदेश में रहने वाले एक परिवार के मन में ऐसी मूरत बनकर बस गई है कि वो उसकी एक झलक की ललक लिए सात समंदर पार खीचे आए हैं। वो भी तब जब इस परिवार ने अब तक सिर्फ सोशल मीडिया पर बाबा श्याम को देखा था।

Youtube पर बाबा श्याम को देख दिवाना हुआ ये परिवार, दर्शन के लिए सात संमुद पार कर पहुंचे खाटूधाम

खाटूश्यामजी.

बाबा श्याम (Baba Shyam) की सांवली सलौनी सूरत विदेश में रहने वाले एक परिवार के मन में ऐसी मूरत बनकर बस गई है कि वो उसकी एक झलक की ललक लिए सात समंदर पार खीचे आए हैं। वो भी तब जब इस परिवार ने अब तक सिर्फ सोशल मीडिया पर बाबा श्याम को देखा था। तब से बाबा श्याम का रंग इस परिवार पर ऐसा चढ़ा कि प्रेम में विहृवल यह परिवार अपने एक विदेशी मित्र को भी प्रेममुग्ध कर दर्शनों की लालसा जगाए साथ ले आया। यह परिवार है गुजरात के पालनपुर का। जो पिछले कई सालों से अमेरिका में रह रहा है। लेकिन, कुछ समय पहले ही परिवार की अल्का जोशी ने बाबा श्याम की अलौकिक छटा को सोशल मीडिया पर देखा और जब से ही वह लखदातार की मुरीद हो गई। दर्शनों की आस लिए अल्का अपनी बेटी अनेरी और उसके दोस्त केशव (ब्रेंडन) को भी लखदातारी की नगरी खाटूधाम लेकर आई।


अमेरिका सेे हर साल खाटूधाम आने की ठानी
श्याम बाबा की मूरत के दर्शन करने के बाद एनआरआई अल्का इतनी प्रफुल्लित हुई कि उन्होंने हर साल परिवार के साथ खाटूधाम (Khatu Dham) आने की ठानी। अमेरिका में होटल मैनेजमेंट का काम देख रही अनेरी ने कहा कि जब वह अपने शहर पालनपुर आती तो वहा के लोगों के मुख से बाबा श्याम का नाम सुनती। आज दर्शन करके बाबा श्याम के प्रति जो आस्था जगी है उसे शब्दों में बया कर पाना मुश्किल है।


बाबा श्याम मेहरबान
अमेरिका निवासी ब्रेंडन ने बताया कि अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ मानखेना में कुछ हिन्दी सीखने के बाद तकरीबन पांच महीने पहले जयपुर के अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन संस्थान में हिन्दी भाषा बोलना सीख रहा हूं। उन्होंने बताया कि जब मैं बीस साल का हुआ तो अमेरिका में एक पंडितजी के पास गया और मेरा नामंाकरण करवाया। पंडितजी ने मेरी कुंडली बनाकर केशव नाम रखा। केशव ने बताया कि सनातन धर्म में मेरा विश्वास है। मेरी मित्र अनेरी ने अमेरिका में कई बार खाटू श्याम बाबा के यहां चलने की बात कहती पर मौका नहीं मिला। जब वह अपने परिवार के साथ भारत आई तो उनके साथ आज श्याम के दरबार में आया हूं। श्याम दर्शन करके बहुत अच्छा लगा।