
एक चिकित्सक के भरोसे सीएचसी
खाचरियावास. कस्बे की सीएचसी साफ-सफाई में तो जिलेभर में प्रथम स्थान प्राप्त कर पुरस्कार लेने में तो कामयाब हो चुकी लेकिन यहां आने वाले मरीजों को चिकित्सक नहीं मिलने पर जीरो के समान साबित हो रही है। सोमवार को सीएचसी में एकमात्र महिला चिकित्सक उपस्थित रहने से मरीजों की लंबी कतार लग गई। ओपीडी समय में मरीजों को उपचार नहीं मिलने पर बैरंग ही लौटना पड़ा। रोजाना 300 से अधिक ओपीडी वाले अस्पताल में प्रत्येक मरीज को एक मिनट का भी उपचार नहीं मिल पाया। पिछले 15 रोज से सीएचसी में कभी एक कभी दो चिकित्सक ही उपस्थित रहने से चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह से गड़बड़ा गई है। वैसे तो सीएचसी में 8 चिकित्सक कार्यरत हैं लेकिन दो चिकित्सकों को डेपुटेशन पर रामगढ़ आदर्श चिकित्सालय में लगा रखा है वही एक चिकित्सक पीजी की तैयारी में लंबी छुट्टी पर है एक महिला चिकित्सक तो लगातार कई महीनों से अनुपस्थित ही चल रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी अधिकांश समय विभाग की मीटिंग में चले जाते हैं। ऐसे में अधिकांश समय एक से दो चिकित्सक ही उपस्थित रहते हैं। गौरतलब है कि कस्बे सहित आसपास के दर्जनों गांवों का यह मुख्य अस्पताल है। दूर दराज से आने वाले मरीजों को चिकित्सक नहीं मिलने पर बिना इलाज ही लौटना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो एक-दो दिन में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। सोमवार को मीटिंग होने से मुख्य चिकित्सा अधिकारी नहीं हैं एक चिकित्सक की तबीयत खराब है मंगलवार सुबह से पहले की तरह ही चिकित्सा सेवाएं सुचारु रुप से सही कर दी जाएगी।
खाचरियावास में पयेजल की किल्लत
खाचरियावास. जलदाय विभाग द्वारा ग्रामीणों को मीठा पानी पिलाना तो दूर की बात खारे पानी की आपूर्ति भी पिछले एक महीने से बंद पड़ी है। कस्बे के सभी चालू बोरिंग की मोटर जली हुई है। आधा दर्जन हैंडपम्प खराब पड़े हैं। ग्रामीणों का कहना है कि महंगे टैंकर डलवाकर प्यास बुझा रहे हैं। कस्बे के किसी भी वार्ड में पेयजल आपूर्ति नहीं होने से पानी की किल्लत है। ग्रामीणों ने बताया कि कस्बे के जलदाय विभाग के कर्मचारी रामलाल सैनी से बार-बार पेयजल आपूर्ति के बारे में बात करते हैं तो केवल एक ही जवाब मिलता है कि सभी बोरिंगों की मोटर जली हुई है। उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है। कस्बे के गणगौरी चौक सहित कई वार्डों में काफी दिनों से आधा दर्जन हैंडपम्प बंद पड़े हैं। कुछ दिन पहले खाटूश्यामजी में मुख्यमंत्री जनसंवाद के दौरान कस्बे के लिए स्वीकृत आरो का कार्य भी अभी तक अधूरा है। ग्रामीणों ने बताया कि एक-दो दिन में पेयजल समस्या का समाधान नहीं हुआ तो गांव के गणगौरी चौक में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
Published on:
06 Aug 2018 06:15 pm
