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पुलिस की कमजोर मुखबिरी, पकड़ से दूर होते अपराधी

चार घटनाओं में शामिल दर्जनभर फरार
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पुलिस की कमजोर मुखबिरी, पकड़ से दूर होते अपराधी


सीकर. फतेहपुर में व्यवसायी के घर ताबड़-तोड़ फायर करने वाले तीन आरोपित भले ही पुलिस के हाथ लग चुके हैं। लेकिन, इसमें भी दो बाकी आरोपितों के अलावा तीन फायरिंग की घटनाओं में शामिल करीब दर्जनभर हमलावर एेसे हैं। जो कि, पुलिस के लिए पहेली बने हुए हैं। जिनकी खोजबीन के खातिर पुलिस जिले से बाहर भी खाक छानती फिर रही है। लेकिन, उनका सुराग नहीं लगना सिरदर्द बनता जा रहा है।
पुलिस के अनुसार गत दिनों फतेहपुर में रिंन्कू बियाणी से २५ लाख की रंगदारी वसूलने खातिर फायर करने वाले तीन आरोपित खूड़ी निवासी रणवीर उर्फ मामा, जालेऊ निवासी महेश जाट और तीसरे इनके साथी ताजसर निवासी राजेंद्र उर्फ गांधी को दबोच लिया गया था। इनके पास पुलिस ने १२ बोर बंदूक, दो पिस्टल, एक रिवाल्वर सहित २५ जिंदा कारतूस भी बरामद किए थे। लेकिन, वारदात में शामिल रिणऊ के राहुल व कुलदीप झाझड़ अभी पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं। इनके अलावा रानोली में आेमा ठेहठ व विकास भार्गव पर हुई अलग-अलग फायरिंग के मामलों में शामिल आरोपित पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं। इधर, पिपराली रोड बाइपास के पास राजू ठेहठ के साथी मनोज ओला पर गोली चलाकर घायल करने वालों को पुलिस अभी तक खोज नहीं पाई है। जबकि तीनों ही मामलों में आरोपित नामजद बताए जा रहे हैं। लेकिन कमजोर मुखबिरी और हमलावरों का नेटवर्क तेज होने से पुलिस उन तक नहीं पहुंच पाई है।
जेल में रच रहे साजिश
आनंदपाल की मौत के बाद भी उसके गिरोह से जुडे़ लोग जिले में सक्रिय हैं। बानगी यह है कि गैंगस्टर राजू ठेहठ व आनंदपाल गिरोह का बड़ा बदमाश सुभाष बराल दोनों जेल में है। सूत्रों का कहना है कि दोनों बडे़ अपराधी जेल में बैठे अपना नेटवर्क चला रहे हैं। जिसमें अपने गुर्गों को हथियार उपलब्ध कराने सहित बदला लेने की योजना में शामिल है। हालांकि राजू ठेहठ का भाई ओमा अभी जेल से बाहर है। लेकिन, फिर भी उस पर दिन-दहाडे़ फायरिंग होना आनंदपाल गिरोह की मजबूती को दर्शा रहा है।
नाक के नीचे हथियारों की तस्करी
पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद जिले में हथियारों की तस्करी जोर पकड़ रही है। जो कि, पुलिस की नाकामयाबी को दर्शाती है। स्थिति यह है कि आरोपितों के पास हथियार बरामद होने के बाद भी पुलिस यह तक पता नहीं लगा पा रही है कि अवैध हथियार कहां से खरीदे गए हैं और इनके सप्लायर कौन हैं। हालांकि संभावना जताई जा रही है कि हथियार सप्लाई में गैंगस्टरों का हाथ हो सकता है। लेकिन, उनके जेल में बंद होने के बाद भी इस तरह के हथियार आरोपितों के पास बरामद होना पुलिस की समझ से बाहर होता जा रहा है।
इनका कहना
फायरिंग के तीनों आरोपित पुलिस हिरासत में है। जिनसे हथियार और वारदात में शामिल दोनों आरोपितों के बारे में पूछताछ की जा रही है। कुछ अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं। जिनका खुलासा जल्द कर दिया जाएगा।
डा. तेजपाल सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीकर