
राजस्थान में किसानों पर दोहरी मार: आंधी ने खड़ी फसलों को तबाह किया तो बरसात से मंडी में पड़ी मार
सीकर।
मौसम विभाग Weather department की ओर से अंधड़ Storm और बारिश Rain की चेतावनी के बाद बुधवार सुबह से ही प्रदेश के कई हिस्सों में बरसात का दौर जारी है। शेखावाटी में सुबह से ही मौसम का मिजाज बिगड़ हुआ है और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी है। सीकर में पिछले दो घंटे से लगातार झमाझम बारिश हो रही है। झुंझुनूं में कई स्थानों पर बारिश के साथ चले के आकार के ओले गिरे है। बारिश से जहां आमजन को गर्मी से राहत मिली है। वहीं बरसात से किसानों को दोहरी मार पड़ी है। आंधी से किसानों की खेत में तैयार हुई फसल जमीन पर बिछ गई और बारिश से मंडी में रखी गेहूं की बोरियां भी पूरी तरह से भीग चुकी है। वहीं मौसम विभाग की लगातार चेतावनी ने किसानों की नींद उड़ा रखी है। पिछले छह माह से किसान Farmer फसल Crops को तैयार करने के बाद मंडी में पहुंचाने के सपने देख रहे थे। लेकिन आंधी और बारिश ने किसानों के सपनों पर पानी फेर दिया।
छह डिग्री तक गिरा पारा
मौसम में आए बदलाव के बाद अधिकतम तापमान करीब छह डिग्री और न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट आई। ग्रामीण इलाकों में दूसरे दिन भी देर शाम तक मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा। फतेहपुर में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सीकर में बारिश, झुंझुनूं में ओले
सीकर में सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ था। दोपहर 12 बजे तेज बरसात शुरू हो गई, जो 2 बजे तक जारी रही। जिससे मंडी में प्याज के कट्टे सहित गेहूं की बोरियां भीग गई। झुंझुनूं के मंड्रेला, पिलानी, नवलगढ़, बिसाऊ में तेज बारिश हुई। चिड़ावा के सुलताना क्षेत्र में चने के आकार के ओले गिरे।
किसानों पर भारी आफत
अधंड़ के कारण सबसे अधिक प्रभाव किसानों पर पड़ रहा है। इस समय रबी की फसलें पकाव ले चुकी हैं। इस समय गेहूं और चने की लावणी चल रही है। खलिहानों में गेहूं की फसल सूख रही है। ऐसे में बारिश का पानी लगने से फसल की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। साथ ही भावों में गिरावट आ जाएगी। इसके अलावा बारिश होने से प्याज की मांग गिर जाएगी। जिससे पहले से भावों से त्रस्त किसान सबसे ज्यादा प्रभावित होगा। बिगड़ते मौसम को देखते हुए मंगलवार अलसुबह ही किसान मंडी में प्याज लेकर पहुंच गए। प्याज की बोली में लगने वाली देरी को देखते हुए कई किसानों ने अपने प्याज को आढतियों के पास रख दिया। और पुराने तरीके से बोली लगाने की मांग की। सुबह बारिश के कारण किसानों का प्याज भीग भी गया।
Updated on:
17 Apr 2019 07:35 pm
Published on:
17 Apr 2019 03:38 pm
