
Rajasthan police lady Constable and ASI Love Story of Bhilwara Distric
भीलवाड़ा/सीकर.
भीलवाड़ा जिले के करेड़ा पुलिस थाने की महिला कांस्टेबल सुरमा जाट को आत्महत्या के लिए उकसाने की मुख्य वजह उस पर रोक-टोक लगाना था। गिरफ्तार सहायक उपनिरीक्षक उपेन्द्र सिंह सुरमा पर शक करता था। उसे थाने पर सुरमा के किसी से हंसकर घुलने-मिलने और बातचीत करना पसंद नहीं था। इसके लिए उसने अंतिम बार फोन कर सुरमा पर शक करते हुए अपमानजनक भाषा का इस्तमाल किया। यहीं बात सुरमा को अखरी। उसके बाद वह फंदे पर लटक गई।
भीलवाड़ा जिले के आसींद थानाधिकारी मनीष देव ने बताया कि एएसआई उपेन्द्रसिंह से हुई अब तक की पूछताछ में सामने आया कि सुरमा से उसकी काफी नजदीकियां थी। रायपुर थाने के बाद दोनों में मुलाकात कम हो गई, लेकिन फोन पर घण्टों बात हुआ करती थी।
पूछताछ में उपेन्द्र ने बताया कि सुरमा करेड़ा थाने में किसी से घुलती-मिलती थी तो वह एतराज जताता था। लगातार शक करने से सुरमा परेशान हो गई। जांच में सामने आया कि करेड़ा थाने में रहते हुए सुरमा कामकाज में एएसआई की काफी मदद करती थी। मुकदमे और उसके निस्तारण के लिए एएसआई बोलता जाता था और सुरमा लेपटॉप पर टाइप करती थी।
इनकार कर दिया, नहीं देना चाहता सेम्पल
पुलिस ने शुक्रवार को एएसआई उपेन्द्र को भीलवाड़ा स्थित विशिष्ट न्यायालय (एनआई एक्ट मामलात) की अदालत में वाइस सेम्पल देने के लिए पेश किया। लेकिन उपेन्द्र ने लिखित में वाइस सेम्पल देने से न्यायाधीश को इनकार कर दिया।
इससे उसे वापस आसींद थाने ले आए। सुरमा और उपेन्द्र के जब्त मोबाइल की आवाज को मिलाने के लिए जांच अधिकारी वाइस सेम्पल लेना चाहते थे। उधर, पुलिस अधीक्षक डॉ. रामेश्वरसिंह ने एएसआई उपेन्द्र को निलंबित कर दिया है।
मूलरूप से सीकर जिले की पुजारी का वास निवासी सुरमा जाट का करेड़ा थाना परिसर के बंद क्वार्टर में मंगलवार सुबह पंखे पर लटका शव मिला था। मृतका के भाई सुभाष जाट ने रायपुर थाने के अधीन कोट चौकी प्रभारी उपेन्द्रसिंह पर देर रात आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच के बाद एएसआई को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया था। वह दो दिन के रिमाण्ड पर चल रहा है उसे शनिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
Published on:
27 Oct 2018 02:22 pm
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