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जिम्मेदार मौन, खुलेआम उड़ रही नियमों की धज्जिया

निजी संचालक नहीं मान रहे कलक्टर के आदेश जिला यातायात प्रबंधन समिति की बैठक में कलक्टर ने दिए थे आदेश निर्धारित स्टैंड पर मनमर्जी से रुकती है निजी बसें, हर समय जाम की स्थिति
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sikar

जिम्मेदार मौन, खुलेआम उड़ रही नियमों की धज्जिया

सीकर. शहर में जाम की समस्या को देखते हुए जिला यातायात प्रबंधन समिति की बैठक में हुए निर्णय कागजों में चल रहे हैं। बानगी है कि पिछले दिनों समिति की बैठक में जिला कलक्टर ने निजी बस संचालकों को निर्धारित स्टैंड पर महज दो मिनट रुकने के आदेश दिए थे लेकिन यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की अनदेखी के कारण ही निजी बस संचालक न केवल शहर में घुस रहे हैं वरन तय स्टैंड पर मनमर्जी से आड़ी तिरछी बसें लगाकर जाम की स्थिति बना रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी मारू स्कूल के सामने और नवलगढ़ रोड पर रहने वाले लोगों सहित सुबह के समय स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को हो रही है। हालांकि बैठक के बाद दोनो विभागो की जिम्मेदारी थी लेकिन महज कुछ दिन में शहर में यातायात की स्थिति बदतर हो गई।

रुकने पर बनी थी सहमति

शहर में आए दिन लगने वाले जाम और यात्रियों की परेशानी को देखते हुए कलक्टर ने निजी बस संचालकों को सवारियों को उतारने के ही निर्देश दिए थे। यातायात प्रबंधन की बैठक में जिला कलक्टर की मौजूदगी में निजी बस संचालकों के ने आदेश की पालना का भरोसा दिलाया था। लेकिन हकीकत यह है कि कार्रवाई नहीं होने से निजी बस संचालकों के हौंसले बुलंद हो गए।

रोडवेज पर भारी आदेश

प्रबंधन समिति की बैठक में दिए गए आदेश के बाद से शहर में रोडवेज बसों ने प्रवेश करना बंद कर दिया जबकि इससे रोडवेज को केवल फतेहपुर मार्ग पर रोजाना 190 लीटर से ज्यादा डीजल खर्च करना पड़ रहा है। वहीं रोडवेज में सफर करने वाले यात्रियों को 15 से 20 मिनट का समय ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है।
इनका कहना है
बसों के परमिट की फिटनेस सहित कई बार जांच की जाती है। परमिट शर्तों का उल्लंघन करने वाली बसों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

ज्ञानदेव विश्वकर्मा, आरटीओ सीकर