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15 दिन तक टूटी रही सड़कें, लगाई 37 लाख की पेनल्टी

  शहर में सीवरेज का 86 प्रतिशत काम हुआ पूरा - अगले चरण के लिए मिली 86 करोड की स्वीकृति
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15 दिन तक टूटी रही सड़कें, लगाई 37 लाख की पेनल्टी

सीकर. शहर के सीवरेज प्रोजेक्ट के तहत खोदी गई सड़कों की मरम्मत नहीं कराने पर सीकर नगर परिषद ने सख्त रुख अपना लिया है। नगर परिषद ने तय समय पर काम पूरा नहीं करने पर निर्माण एजेंसी पर 37 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। कम्पनी को जुर्माना देने के लिए नोटिस जारी कर दिया है। सीकर में सीवरेज प्रोजेक्ट के तहत पाइप लाइन के साथ-साथ दो एसटीपी के काम को पूरा करना था। गौरतलब है कि सीवरेज प्रोजेक्ट के पहले चरण में 120 करोड की लागत से सौ किलोमीटर पाइप लाइन और दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाने थे। निर्माण एजेंसी को यह काम जून 2016 में शुरू किया था। जिसे मई 2018 में पूरा करना था।

यह है कारण

सीकर शहर में सीवरेज प्रोजेक्ट के तहत सौ किलोमीटर तक पाइप लाइन डालनी थी। निर्माण एजेंसी ने शहर में खुदाई शुरू कर दी थी। लेकिन खोदी गई सड़कों में 15 दिन में मरम्मत करनी होती है। कम्पनी ने काम में तेजी लाने के लिए खुदाई तो कर दी लेकिन सड़कों की तय समय पर मरम्मत नहीं कराई जिससे लोगों के साथ-साथ परिषद की समस्या भी बढ़ गई है। इसके अलावा नानी गोशाला के पास सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट काम तो पूरा कर दिया लेकिन शिव कॉलोनी में ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण तो पूरा हो गया लेकिन मशीने नहीं लगी। इस कारण काम में देरी हो गई।

86 फीसदी काम पूरा

पहले चरण में शहर में 86 किलोमीटर पाइप लाइन डाली जा चुकी है। वहीं दो एसटीपी में एक एसटीपी का निर्माण पूरा हो गया है। वहीं दूसरे एसटीपी में सिविल शाखा का काम तो पूरा हो गया लेकिन एसटीपी के लिए मशीनें नहीं पहुंची है। पहले चरण के काम के आधार पर सरकार ने 86 करोड का बजट दूसरे चरण के लिए स्वीकृत कर दिया है। तीसरे में एक और एसटीपी बनाया जाएगा।

जुर्माना लगाया है

शहर में सीवरेज काम के दौरान तोड़ी गई सड़कों की मरम्मत नहीं होने के कारण निर्माण एजेंसी पर 37 लाख का जुर्माना लगाया है। सीवरेज प्रोजेक्ट के दूसरे चरण के लिए सरकार ने सीकर को 86 करोड की स्वीकृति जारी की है। स्वीकृति के तहत कम्पनी को दो साल में प्रोजेक्ट का बकाया काम पूरा करना होगा।

- श्रवण कुमार विश्नोई, आयुक्त नगर परिषद