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Rakjasthan Election 2018 : शेखावाटी की महिलाएं शिक्षा में आगे, लेकिन सियासत में इसलिए पिछड़ी

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Shekhawati Womens candidate

Rajasthan assembly election

सीकर से अब तक केवल एक तो चूरू से मात्र दो महिलाएं पहुंची विधानसभा

राजेश शर्मा
सीकर. महिला शिक्षा में अग्रणी रहे शेखावाटी में दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दल महिलाओं को विधानसभा चुनावों में टिकट देने से परहेज कर रहे हैं। यही कारण है कि आधी आबादी का प्रतिनिधित्व विधानसभा में नहीं के बराबर है। वर्तमान में राजस्थान विधानसभा में 26 महिला विधायक हैं, लेकिन इनमें से शेखावाटी (चूरू,झुंझुनूं व सीकर) से एक भी महिला विधायक नहीं है। आजादी के बाद से सीकर जिले से अब तक एक ही महिला विधानसभा में पहुंची है। जबकि चूरू से मात्र दो तथा झुंझुनूं जिले से पांच महिलाएं विधानसभा पहुंच चुकी।


ये है प्रत्याशियों का गणित

चूरू से अब तक यह रह चुकी विधायक
कमला कस्वा व हमीदा बेगम


झुंझुनूं से यह रही विधायक
सुमित्रा सिंह, सुधा देवी, प्रतिभा ङ्क्षसह, रीटा चौधरी व संतोष अहलावत


सीकर से यह रही विधायक
राजकुमारी शर्मा

2013 : पार्टी प्रत्याशी


झुंझुनूं जिला
संतोष अहलावत भाजपा व प्रतिभा ङ्क्षसह कांग्रेस
(संतोष अहलावत ने सूरजगढ़ विधानसभा से जीत दर्ज, बाद में वे सांसद बन गई।)
चूरू जिला
कमला कस्वा भाजपा, कृष्णा पूनिया कांग्रेस
सीकर जिला
कोई नहीं

गीता बजाज पहली महिला प्रत्याशी
श्रीमाधोपुर से वर्ष 1957 में गीता बजाज को कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी बनाया था। यह सीकर जिले की पहली महिला प्रत्याशी है। उसे समय 23.24 फीसदी (5768) मत मिले थे। वह दूसरे स्थान पर रही थी।

सीकर से रहे प्रत्याशी























































वर्ष
1952
1957
1962
1967
1972
1977
1980
1985
1990
1993
1998
2003
2008
2013
पुरूष
23
45
59
30
25
40
71
74
167
114
61
86
91
88



महिला
0
1
0
0
0
0
0
1
4
3
1
3
6
3

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बनेंगी पर्यवेक्षक

सीकर. चुनावी साल में सरकार अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लुभाने का प्रयास कर रही है। आचार संहिता लगने से चंद दिन पहले नई भर्ती निकाली है। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अब पर्यवेक्षक बनाया जाएगा। पर्यवेक्षक बनने से उनका वेतन कई गुना बढ़ जाएगा। साथ ही वे स्थाई कर्मचारी भी बन जाएंगी। इसमें अनुभव जरूरी होगा।

पर्यवेक्षक बनाने की सूचना से पूरे प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है तो साथ ही मलाल यह है कि पद केवल 309 ही हैं। इसमें गैर अनुसूचित क्षेत्र में 291 तथा अनुसूचित क्षेत्र में 18 पदों पर भर्ती होगी। समेकित बाल विकास सेवाएं, महिला एवं बाल विकास विभाग में पर्यवेक्षकों की भर्ती की जाएगी। इसके लिए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।

खास बात यह है कि यह परीक्षा केवल आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ही दे सकेंगी। इसके लिए सातवें वेतनमान के अनुसार पे मेट्रिक्स लेवल एल सात (रनिंग पे बैण्ड5200-20200) ग्रेड पे 2400 रुपए होगा। ऑनलाइन आवेदन चार अक्टूबर से तीन नवम्बर को रात 12 बजे तक किए जा सकेंगे। परीक्षा जनवरी व फरवरी में हो सकती है।


इनका कहना है
कार्यकर्ताओं को पर्यवेक्षक बनाने की पहल अच्छी है। इससे उनको कई फायदे होंगे, लेकिन यह भर्ती तीन-चार साल पहले निकलती तो ज्यादा फायदा होता। चुनावी साल में केवल लुभाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। पद केवल 309 ही हैं, इनकी संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।
-चंद्रावती दुल्लड़, अध्यक्ष अखिल राजस्थान महिला बाल विकास एकीकृत संयुक्त महासंघ