20 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Success Story: राजस्थान में दिनेश कुमावत बने बाजोर के पहले RAS अफसर, गांव में खुशी का माहौल, युवाओं को दिया यह संदेश

सीकर जिले में बाजोर गांव के दिनेश कुमावत ने RAS 2024 में 346वीं रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया। गांव में खुशी का माहौल है। दिनेश ने सफलता का श्रेय परिवार को देते हुए युवाओं को मेहनत और सकारात्मक सोच का संदेश दिया।

2 min read
Google source verification

सीकर

image

Arvind Rao

Apr 20, 2026

Sikar Dinesh Kumawat Becomes Bajor First RAS Officer Inspires Youth with Message of Hard Work

दिनेश कुमावत बने बाजोर के पहले आरएएस अधिकारी (फोटो- पत्रिका)

RAS Success Story: सीकर: बाजोर गांव के दिनेश कुमावत ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा 2024 में 346वीं रैंक प्राप्त कर गांव का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता पर गांव में खुशी का माहौल है।

दिनेश ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और दादी दड़की देवी को दिया। उन्होंने कहा कि इंटरनेट का सही उपयोग सफलता की कुंजी है। बाजोर फाउंडेशन की पहल पर सम्मान किया गया।

इस दौरान संरक्षक चम्पा बाजोर, सुनिता कुमावत, सुरज्ञान कुमावत, ममता कुमावत, सरोज कुमावत, सुनील कुमावत खण्डेला, महेश कुमावत गुढा गौड़जी, मुकेश कुमावत भौया, मनोज शर्मा, अशोक वर्मा, सीताराम कुमावत बानूड़ा, सुभाष कुमावत, आरीफ शेख आदि मौजूद रहे।

युवाओं को दिया यह संदेश

दिनेश ने युवाओं को निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। मोहन बाजोर ने बताया कि दिनेश जयपुर में पटवारी पद पर कार्यरत थे। बड़ी बहन सुनिता और ममता शिक्षक, छोटा भाई सुभाष कुमावत वर्तमान में कनिष्ठ सहायक पद पर कार्यरत हैं। सुभाष भी इसी भर्ती में चयनित हुआ है।

संगीता आरएएस में चयनित

सीकर जिले में धोद क्षेत्र के गोठड़ा भूकरान गांव की संगीता भूकर ने आरएएस परीक्षा में 794वीं रैंक हासिल की है। वर्तमान में वह जूनियर अकाउंटेंट पद पर कार्यरत हैं। उनकी सफलता पर झाबरमल मुलाराम, मोहनी देवी, मंजू, रामलाल, रामनिवास, बिमला, बसंती, सांवरमल, महेश आदि परिजनों ने खुशी जाहिर की।

अब युवाओं में बदल रहा प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर मिजाज

करियर के बदलते दौर में युवाओं का प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर मिजाज भी बदलने लगा है। पहले युवाओं की ओर से ज्यादातर राजस्थान की परीक्षाओं की पर ही फोकस किया जाता था, लेकिन अब युवा दूसरे राज्यों में होने वाली परीक्षाओं के जरिए नौकरी के सपने को पूरा करने में जुट गए है।

दिल्ली अधीनस्थ चयन बोर्ड, एसएसजी, मध्यप्रदेश, हरियाणा चयन बोर्ड, केन्द्रीय स्कूल आदि परीक्षाओं को लेकर युवाओं में तेजी से क्रेज बढ़ा है। युवाओं ने बताया कि दूसरे राज्यों और केंद्र की प्रतियोगी परीक्षाओं के सिलेबस में ज्यादा बदलाव नहीं है। युवाओं ने बताया कि एक साथ सभी केंद्र व राज्यों की प्रतियोगी परीक्षाओं के जरिए भी खुद का आंकलन काफी बेहतर तरीके से हो पाता है।

केस एक: बदली राहें तो मिली सफलता

सीकर निवासी अमीचंद सिंह ने पांच साल पहले बीएड की पढ़ाई की, लेकिन राजस्थान में नौकरी नहीं मिल सकी। इसके बाद अमीचंद ने दिल्ली बोर्ड की शिक्षक भर्तियों की तैयारी शुरू की। पिछली भर्ती में अमीचंद को सफलता मिली। उन्होंने बताया कि अब अगला लक्ष्य कॉलेज भर्ती की नौकरी हासिल करना है।

केस दो: इंजीनियरिंग के बाद की बैकिंग की तैयारी

जयपुर निवासी निकिता ने बताया कि उसने सीएस ब्रांच से इंजीनियरिंग की, लेकिन मनपंसद जॉब नहीं मिलने पर बैकिंग सेक्टर की तैयारी की। दूसरे प्रयास में निकिता को बैकिंग सेक्टर की परीक्षा में सफलता मिली। उन्होंने बताया कि अगला लक्ष्य राजकीय विद्यालय में कम्प्यूटर शिक्षक की नौकरी हासिल करना है।

बारहवीं से ही जुट रहे तैयारी में

एक्सपर्ट ने बताया कि पहले युवाओं की ओर से यूजी-पीजी के बाद से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की जाती थी, लेकिन अब कड़ी होती नौकरी की टक्कर से मिजाज पूरी तरह बदल गया है। ज्यादातर युवाओं की ओर से प्रतियोगी परीक्षाओं के पैटर्न को ध्यान में रखकर तैयारी शुरू की जा रही है।

टॉपिक एक्सपर्ट…

राजस्थान के साथ दूसरे राज्यों की प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर युवाओं में काफी उत्साह है। प्रदेश की युवाओं का राजस्थान लोक सेवा आयोग के साथ चयन बोर्ड, दिल्ली चयन बोर्ड व एसएसजी के साथ बैकिंग सेक्टर की परीक्षाओं की तैयारी को क्रेज बढ़ा है।
-नवीन रिणवा, कॅरियर काउंसर, सीकर