
Sikar Farmers next Protest at 23 august 2018
सीकर. संपूर्ण कर्ज माफी व स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर सीकर का किसान गुरुवार को एक बार फिर आंदोलन पर उतर गया। जिलेभर से पहुंचे हजारों किसानों ने यहां मंडी में सभा के बाद कलक्ट्रेट पहुंचकर गिरफ्तारी दी। ऐसा लगा मानों कि सीकर में किसानों की अगस्त क्रांति की शुरुआत हो गई हो।
किसानों ने तय कि आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और 23 अगस्त को हर उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन होगा। इसके बाद 9 सितंबर को संसद का घेराव किया जाएगा। कलक्ट्रेट पहुंचे किसानों को पुलिस ने हिरासत में लेकर शहर से बाहर छोड़ दिया।
मंडी में हुई सभा को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमराराम ने कहा कि सरकार या तो किसानों की मांगे पूरी करे या देश की गद्दी छोड़ दे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी ने सत्ता में आने से पहले कहा था कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू की जाएगी व किसानो का संपूर्ण कर्जा माफ होगा लेकिन सरकार ने अपना वादा नहीं निभाया।
सरकार उद्योगपतियों का कर्जा माफ कर रही है। नीरव मोदी की संपत्ती नीलाम नहीं होती लेकिन किसान पर अगर दो लाख का कर्जा भी है तो कुर्की के आदेश हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि अब पूरा मामला केंद्र सरकार के पाले में है। 2017 को देशभर के किसान संगठनों ने ऐलान किया था कि सरकार स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने व संपूर्ण कर्ज माफी को लेकर बिल पास करे।
ये दोनों बिल संसद में इसी सत्र में पास हो इसके लिए आंदोलन चल रहा है। देश की 70 प्रतिशत आबादी के खिलाफ काम करने वालों को नहीं इनके साथ रहने वालों को ही जनता का साथ मिलेगा। मौजूदा सरकार में किसानों की आत्महत्या के मामले 26प्रतिशत बढ़े हैं। पूर्व विधायक पेमाराम ने कहा कि सरकार को किसानों की मांगे मानने के लिए मजबूर करेंगे। बिजली की वीसीआर भरने वालों को सबक सिखाया जाएगा। सभा को कामरेड वासुदेव, जिला सचिव किशन पारीक, सागर खाचरिया, रामरतन बगडिय़ा, सुभाष नेहरा, रामप्रसाद जांगिड़, हेमेंद्र महला, आबिद हुसैन, सुरेश बगडिय़ा सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।
पायलट एक आंदोलन बता दें जिसमें किसी को झुकाया हो
नागौर में किसान की आत्महत्या के मामले में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट की ओर से दिए गए बयान पर भी अमराराम ने निशाना साधा। पायलट ने कहा था कि किसान मंगलचंद का कर्ज वे खुद भरेंगे। इस पर पलटवार करते हुए अमराराम ने कहा कि सचिन पायलट को 4 दिन बाद मंगलचंद कैसे याद आया? उसका कर्ज तो हम संघर्ष करके माफ करवा चुके हैं।
हमने नागौर के प्रशासन को झुकाया है। पायलट एक भी आंदोलन बता दे जिसमें किसी को झुकाया है। हमने सरकार व प्रशासन को झुकने पर मजबूर किया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 6 जून को मंदसौर में कह रहे थे कि मध्यप्रदेश में किसानो का कर्जा माफ करेंगे। वे पहले पंजाब में तो कर्जा माफ कर दें। पंजाब में तो उन्हीं की सरकार है।
सियासी नहीं, किसानों का आंदोलन
चुनावी साल में आंदोलन के सवाल पर अमराराम ने कहा कि चुनाव के लिए नहीं किसान के लिए कर रहे हैं। 70 साल में राजस्थान में किसी भी सरकार ने किसानों का कर्जा माफ नहीं किया लेकिन हमने कराया है। पहली सीढी थी जिसको पार किया है। पूरा कर्जा राज्य सरकार नहीं केंद्र सरकार माफ कर सकती है और अब हम केंद्र सरकार के खिलाफ ही मुहिम छेड़ेंगे। 10 करोड़ लोगों ने देशभर में किसानों के समर्थन में हस्ताक्षर किए हैं। अब हम भाजपा को परास्त करेंगे और विधानसभा में किसानों की आवाज उठाएंगे।
04 लाख किसान कर चुके हैं आत्महत्या
वक्ताओं ने कहा कि देश में चार लाख किसान आत्महत्या कर चुके हैं। किसानों की लागत आठ गुणा बढ़ चुकी है लेकिन कीमत नहीं। किसानों के माल की कीमत दूसरे तय करते हैं। 26 प्रतिशत आत्महत्याएं बढ़ गई हैं।
गिरफ्तारी के लिए दिखा जोश
किसानों में गुरुवार को भी जोश दिखा। अपने हक के लिए लड़ाई लड़ रहे किसान उत्साहित थे। गिरफ्तारी देने के लिए किसानों में होड सी मच गई। शासन कुछ किसानों की सांकेतिक गिरफ्तार करना चाहता था, लेकिन पुरुषों के साथ ही महिलाओं ने भी गिरफ्तारी दी।
शहर में जाम, लोग परेशान
किसानों के हल्ला बोल के कारण शहर में तीन घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। इस कारण आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि बाद में प्रशासन ने कई मार्गो पर यातायात को डायवर्ट कराया। इसके बाद लोगों को थोड़ी राहत मिली।
पुलिस अधिकारी से भी उलझे
कलक्ट्रेट के सामने कई किसानों की पुलिस से झड़प हो गई। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने समझाईश कर किसानों को शांत कराया। इधर, दिनभर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मंडी में ही ज्ञापन और गिरफ्तारी देने के लिए प्रयास करते रहे।
Published on:
10 Aug 2018 04:33 pm
