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पिता की मौत के दूसरे ही दिन ITBP के जवान ने भी छोड़ दी दुनिया, जानिए अचानक कौन आया जवान की ‘मौत’ बनकर?

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Sikar ITBP Jawan died in road accident Near Jayal Nagaur

Sikar ITBP Jawan died in road accident Near Jayal Nagaur

नेछवा (सीकर). पिता की मौत पर घर आ रहे एक आईटीबीपी जवान की शनिवार रात सड़क हादसे में मौत हो गई। जवान असम में तैनात था और पिता की मौत के बाद अपने मुख्यालय जोधपुर गया था। जोधपुर से छुट्टी लेकर वह कार से अपने गांव जा रहा था। नागौर के जायल के पास कार के सामने सांड आने से हादसा हो गया और जवान की मौत हो गई। रविवार को नेछवा में जवान का अंतिम संस्कार किया गया। जानकारी के मुताबिक नेछवा का सत्यवीर कस्वां आईटीबी में सिपाही था। जोधपुर मुख्यालय से उसे ड्यूटी के लिए असम भेजा हुआ था।


पिता की मौत के बाद वह शनिवार शाम हवाई यात्रा कर जोधपुर पहुंचा और यहां बटालियन से छुट्टी लेकर घर के लिए रवाना हुआ था। देर रात जायल इलाके के कठौति गांव के पास अचानक कार के सामने सांड आ गया और कार उससे भिड़ गई। हादसे में सत्यवीर की मौके पर ही मौत हो गई।


पुलिस ने हादसे की सूचना जोधपुर स्थित ITBP बटालियन मुख्यालय में दी थी। वहां से इंसपेक्टर जयसिंह के नेतृत्व में एक दल जायल पहुंचा और जवान का शव लेकर नेछवा आया। यहां गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। भाजपा नेता मदनलाल ढ़ाका, गीगराज निठारवाल, कांग्रेस नेता इस्लामुद्दीन खोखर, प्रहलाद राय मिठड़ीवाल, पृथ्वीराजसिंह शेखावत, सीताराम जाखड़ सहित कई जनप्रतिनिधी जवान की अंतिम यात्रा में शामिल हुए।

शुक्रवार को हुई थी सत्यवीर के पिता की मौत


सत्यवीर के पिता केशरदेव की मौत शुक्रवार को हुई थी। पिता केशरदेव कई दिनों से बीमार थे। उनकी मौत की सूचना परिजनों ने सत्यवीर को दी। सत्यवीर असम के दुर्गम इलाकों में होने की वजह से उसका पिता के अंतिम संस्कार में पहुंचना संभव नहीं था। इस वजह से परिजनों ने पिता का अंतिम संस्कार कर दिया। सत्यवीर शनिवार शाम को जोधपुर पहुंचा और यहां से छुट्टी लेकर घर के लिए रवाना हो गया। रात करीब नौ बजे जायल के पास कठौति गांव में कार के सामने सांड आ गया। टक्कर के बाद सांड उछलकर कार पर गिरा जिसके सिंग सत्यवीर के मुंह व सीने पर लगे। जिसके कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गाड़ी सत्यवीर का साथी रामस्वरूप चला रहा था।


07 माह का है बेटा
सत्यवीर की मौत की से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। दो दिन में ही पिता पुत्र की मौत इलाके में चर्चा का विषय रही। सत्यवीर के एक सात महीने का बेटा है। उसके एक भाई की भी पहले हादसे में मौत हो गई थी। उसको छोटे भाई ने मुखाग्नी दी।