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Sikar News: 1881 में कॉपी-पेन पर 10 सवालों से शुरू हुई थी जनगणना, अब डिजिटल तक पहुंची; अब पूछे जा रहे 33 सवाल

देश में पहली बार जनगणना 1872 लॉर्ड मेयो के कार्यकाल में हुई थी। हालांकि एक व्यवस्थित और नियमित जनगणना की शुरुआत 1881 में लॉर्ड रिपन के समय से हुई। स्वतंत्र भारत की पहली जनगणना 1951 में हुई थी।

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सीकर

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Santosh Trivedi

May 19, 2026

Census 2026: दिन में 47 हजार घरों तक पहुंचे प्रगणक, 1 लाख 62 हजार लोगों की हुई जनगणना

जनगणना के लिए घर- घर पहुंचे प्रगणक (Photo AI)

सीकर। देश में जनगणना का इतिहास भी बड़ा रोचक है। 1881 में शुरू हुई जनगणना के समय दस सवाल पूछे गए थे। अब जनगणना में सवालों की बढ़कर 33 तक पहुंच गई और काम का तरीका ऑफलाइन से डिजिटल तक पहुंच गया। स्वगणना में प्रदेश में सबसे आगे रहने वाली शिक्षानगरी का जनगणना को लेकर रोचक तथ्य है। 1881 में हुई दूसरी जनगणना में सीकर व झुंझुनूं जिले की शेखावाटी के आधार पर जनगणना हुई थी।

उस समय शेखावाटी क्षेत्र की जनसंख्या 4,20,476 थी। शेखावाटी का क्षेत्रफल 4000 वर्ग मील था। शेखावाटी में उस समय 1018 गांव शामिल थे। इनमें चूने-पत्थर से बने घरों की संख्या 61,616 थी। एक्सपर्ट ने बताया कि उस समय शेखावाटी क्षेत्र में 4000 से अधिक आबादी वाले शहरों की कुल संख्या 11 थी।

1872 में हुई थी पहली जनगणना

देश में पहली बार जनगणना 1872 लॉर्ड मेयो के कार्यकाल में हुई थी। हालांकि एक व्यवस्थित और नियमित जनगणना की शुरुआत 1881 में लॉर्ड रिपन के समय से हुई। स्वतंत्र भारत की पहली जनगणना 1951 में हुई थी। विश्व में सबसे पहली जनगणना की बात करें तो प्राचीन बेबीलोन इराक में लगभग 4000 ईसा पूर्व में हुई थी। यह जनगणना जो पशुधन और खाद्य आपूर्ति की गणना के लिए की गई थी।

उस दौर में यह पूछे गए सवाल

एक्सपर्ट ने बताया कि पुराने रेकॉर्ड के आधार पर सामने आया कि 1881 व उसके बाद की जनगणना के लिए भी प्रश्नावली तैयार हुई थी। उस दौर में मकान की संख्या और प्रकार, व्यक्ति का नाम, आयु, लिंग, जन्म स्थान, साक्षरता, व्यवसाय व दिव्यांगता आदि को लेकर सवाल पूछे गए थे।

5111 प्रगणक संभाल रहे मोर्चा

जिले में प्रथम चरण के लिए 4888 मकान गणना ब्लॉक बनाए गए हैं। जनगणना कार्य में 5111 प्रगणक और 871 सुपरवाइजर लगाए गए हैं। 16 मई से मकान सूचीकरण का काम शुरू हो गया है। यह काम 14 जून तक जारी रहेगा। जबकि फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना की जाएगी। जिले में 24x7 कंट्रोल रूम भी स्थापित किए गए हैं।

उस समय कोई स्थायी संस्था नहीं

जनगणना के लिए उस समय कोई स्थायी संस्था नहीं थी। उस दौर में पटवारी, लेखाकार, भू-स्वामी व स्थानीय शिक्षकों की मदद से जनगणना का काम हुआ था। उस जमाने में राजपूताना का जनसंख्या घनतत्व लगभग 79 प्रतिकिलोमीटर था।

  • डॉ सुरेंद्र भास्कर, तहसीलदार एवं जनगणना चार्ज अधिकारी मंडावा

इस साल पहली बार पूरी डिजिटल जनगणना

इस साल जनगणना पूरी तरह डिजिटल है। इस बार शहरवासियों को स्वगणना का भी ऑप्शन दिया गया है। इसमें शहरवासियों ने भी मजबूत भागीदारी निभाई है। इस साल होने वाली जनगणना में 33 सवाल पूछे जा रहे हैं।

  • शशिकांत शर्मा, जनगणना चार्ज अधिकारी सीकर शहर