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हैदराबाद के बाद राजस्थान में 4 साल की मासूम के बलात्कारी को अंतिम सांस तक की सजा

Sikar Crime News : तीन साल बाद पॉक्सो कोर्ट ( Sikar Posco Court ) ने चार साल की नाबालिग से दुष्कर्म ( Life Imprisonment to Rape Accused ) के आरोपी को मृत्युपरांत जेल में रहने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने एक लाख दस हजार रुपए का भी जुर्माना लगाया है।

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सीकर

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Naveen Parmuwal

Dec 06, 2019

हैदराबाद के बाद राजस्थान में 4 साल की मासूम के बलात्कारी को अंतिम सांस तक की सजा

हैदराबाद के बाद राजस्थान में 4 साल की मासूम के बलात्कारी को अंतिम सांस तक की सजा

सीकर.

तीन साल बाद पॉक्सो कोर्ट ( Sikar Posco Court ) ने चार साल की नाबालिग से दुष्कर्म ( life imprisonment to rape Accused ) के आरोपी को मृत्युपरांत जेल में रहने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने एक लाख दस हजार रुपए का भी जुर्माना लगाया है। लोक अभियोजक यशपाल सिंह महला ने बताया कि विशिष्ट न्यायाधीश डा.सीमा अग्रवाल ने चार की मासूम बच्ची से दुष्कर्म ( Rape With 4 Year old Child Girl ) के आरोपी हंसराज को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पीडि़ता के वकील शंकरलाल सैनी ने बताया कि 13 दिसम्बर 2016 को जेकेलॉन अस्पताल जयपुर में चार साल की बच्ची की मां ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका पति दिल्ली में ड्राइवरी करता है।

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वह दोपहर को खेत में गई थी। बच्चे स्कूल गए थे। वह सवा एक बजे घर वापस आई तो देखा कि बच्ची खाली आंगन में पड़ी थी। उसके कपड़े नही थी। काफी खून निकल रहा था। वह रो रही थी। पूछने पर उसने बताया कि घर के सामने रहने वाला हंसराज बलाई उसको सूने मकान में ले गया। बच्ची ने बताया कि कपड़े उतार कर उसने गलत काम किया और खून निकाल दिया। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अजीतगढ़ पुलिस ने आरोपी हंसराज पुत्र किशनलाल निवासी गढटकनेत अजतीगढ़ को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में 18 गवाह और 31 सबूत पेश किए गए। कोर्ट ने बयानों के आधार पर दोषी मानते हुए सजा सुनाई।

चार साल की मासूम ने कोर्ट में दिए बयान

चार साल की नाबालिगा ने कोर्ट में बयान देते हुए कहा कि हंस्यो को आप मारना, उसका गला दबा देना, उसे फिर सांस ही नहीं आएगी। उसे फांसी की सजा दे दो।

अंधियारी कर दी जिंदगी
काली स्याह बिखेरकर अंधियारी कर दी जिंदगी मेरी, तू उसी स्याह से उसका ईक ईक गुनाह लिख दे। एक अबोध बालिका की दुष्कर्मी ने जिंदगी से खिलवाड़ किया है। बेटी जन गण मन का गान है, बेटी देश का सम्मान है और अगर वह लूटी जाती है तो सबका सम्मान लूटता है।नकारात्मक सोच के लिए सजा की सख्ती का संदेश जरूरी है। -डा.सीमा अग्रवाल, विशिष्ट न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट