शिक्षक दिवस विशेष : सीकर के इस फौजी ने सरकारी स्कूल के लिए जुटाए सवा दो करोड़

शिक्षक दिवस विशेष : सीकर के इस फौजी ने सरकारी स्कूल के लिए जुटाए सवा दो करोड़

Vishwanath Saini | Publish: Sep, 05 2018 04:17:57 PM (IST) Sikar, Rajasthan, India

Teachers Day 2018

सीकर. पहले बीस वर्ष तक देश की सुरक्षा को दिए। वायु सेना में रहते हुए कई साहसिक कार्य किए, अब शिक्षा की अलग जगाने के साथ ही दानदाताओं के सहयोग से स्कूल के लिए धन भी जुटा रहे हैं।


वे अब तक स्कूलों में करीब सवा दो करोड़ रुपए की धनराशि विकास के लिए जुटा चुके। वे वर्तमान में जमनालाल बजाज राजकीय आदर्श उमावि काशीकाबास में अंग्रेजी के व्याख्याता हैं। शिक्षा के क्षेत्र में विशेष कार्य करने, सहशैक्षिक गतिविधियां बढ़ाने तथा दानदाताओं से सहयोग लेकर स्कूलों का विकास कराने के लिए उनको पांच सितम्बर को जयपुर के अमरूदों के बाग में होने वाले समारोह में राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

 

उन्होंने बताया कि जानकी देवी बजाज ग्राम विकास संस्था पुणे के प्रबंधक को प्रेरित कर एक करोड़ पचास लाख रुपए का योगदान स्कूल के लिए जुटा चुके। इससे पहले उन्होंने वर्ष 2017-18 में जिले के अनेक स्कूलों के लिए 72 लाख रुपए जुटाए थे। इससे पहले भी उनको राज्य स्तर पर दो बार सम्मानित किया जा चुका। शेखावत ने स्कूल में नामांकन बढ़ाने में भी विशेष कार्य किया। उनके आने से पहले स्कूल का नामांकन करीब 150 था, जो वर्तमान में बढकऱ 400 हो गया है।

 

शिक्षक दिवस 2018 पर जानिए कौन थे डॉ राधाकृष्णन

  • डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर सन् 1888 को जन्म तमिलनाडु के तिरुतनी गांव में हुआ था। राधाकृष्णन के पुरखे पहले कभी सर्वपल्ली नामक ग्राम में रहते थे और 18वीं शताब्दी के मध्य में उन्होंने तिरूतनी ग्राम की ओर निष्क्रमण किया था। लेकिन उनके पुरखे चाहते थे कि उनके नाम के साथ उनके जन्मस्थल के ग्राम का बोध भी सदैव रहना चाहिये।
  • इसी कारण उनके परिजन अपने नाम के पूर्व सर्वपल्ली धारण करने लगे थे।डॉ. राधाकृष्णन एक गऱीब किन्तु विद्वान ब्राह्मण की सन्तान थे। उनके पिता का नाम सर्वपल्ली वीरास्वामी और माता का नाम सीताम्मा था। उनके पिता राजस्व विभाग में काम करते थे। उन पर बहुत बड़े परिवार के भरण-पोषण का दायित्व था। वीरास्वामी के पाँच पुत्र तथा एक पुत्री थी।
  • राधाकृष्णन का स्थान इन सन्ततियों में दूसरा था। राधाकृष्णन की आरंभिक शिक्षा तिरूवल्लुर के गौड़ी स्कूल और तिरूपति मिशन स्कूल में हुई। इसके बाद मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से उन्होंने पढाई पूरी की। 1902 में मैट्रिक स्तर की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की और छात्रवृत्ति भी प्राप्त की।
  • डॉ. राधाकृष्णन ने 1916 में दर्शन शास्त्र में एम.ए. किया और मद्रास रेजीडेंसी कॉलेज में इसी विषय के सहायक प्राध्यापक का पद संभाला। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का विवाह 16 वर्ष की आयु में सन् 1903 में शिवाकामू के साथ हुआ।

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