
इसलिए भीषण गर्मी में परेशान हो रहे हैं लोग
सीकर.
बिजली चोरी रोकने में निगम का शिकंजा फेल होने से जिले में ज्यादातर लाइन व ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो रही है। इससे आए दिन ट्रांसफार्मर व लाइनों में फॉल्ट हो रहे है। गर्मी के इस मौसम में उपभोक्ता ट्रिपिंग से परेशान हैं। गर्मी के चलते उपभोक्ताओं को रातभर घरों से बाहर बैठकर रात गुजारनी पड़ रही है। दिन में भी बिजली की आंख-मिचौली आम बात हो गई है।
जानकारी के अनुसार लाइन में अचानक आए फॉल्ट के बाद कुछ उपभोक्ताओं ने निगम के टॉल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज की। कुछ समय बाद निगम के कर्मचारियों ने आकर फॉल्ट सही कर दिया। 15 मिनट बाद ही वापस बिजली आपूर्ति बंद हो गई। उसके बाद कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। बाद में फोन उठाना भी बंद कर दिया। इसके चलते उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ा।
एफआइआर दर्ज
निगम की लापरवाही के चलते 10 दिन में घरेलू कनेक्शन सिंगल फेस के 15 ट्रांसफार्मरों से साढ़े सात लाख रुपए का तांबा चोरी हो गया। निगम ने रेस्को की ओर से लगे दो एक्स सर्विस मैन कर्मचारियों को हटाकर उनके स्थान पर अपने कर्मचारी लगा दिए। इन मामलों में दादिया व सदर थाने में एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है।
गौरतलब है कि 7-8 दिन पहले कूदन से सात ट्रांसफार्मरों में से तांबा चोरी हुआ। निगम की लापरवाही के चलते बुधवार रात को एक बार फिर चोरों ने पिपराली से आठ ट्रांसफार्मरों से तांबा चोरी कर लिया। दोनों मामले दादिया और सदर थाने में दर्ज भी है। लेकिन पुलिस व निगम की लचिले कार्यप्रणाली के चलते आज दिन तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
निगम का दावा फेल
निगम के कर्मचारी भी उपभोक्ताओं की शिकायतों को अनदेखा करने में लगे हुए हैं। जिले में अघोषित कटौती पर पूरी तरह रोक लगाते हुए केवल आपातकालीन स्थिति में ही बिजली सप्लाई बंद कराने के निर्देश है। लेकिन सीकर में कृषि उपभोक्ताओं को औसत 6.30 घंटे व घरेलू उपभोक्ताओं को साढ़े 23 घंटे से अधिक सप्लाई देने का दावा फैल होता नजर आ रहा हैं।
Updated on:
05 May 2019 05:24 pm
Published on:
05 May 2019 05:24 pm
