
राजस्थान में शिक्षा विभाग की नई पहल, अब बच्चें भी लेंगे गोद, करेंगे देखभाल, जानिए किसकी
सीकर.
बच्चों को प्रकृति से जोडऩे व अधिकाधिक पेड़ लगाने के लिए शिक्षा विभाग इस साल बच्चों को ‘हरित पाठशाला’ का पाठ पढ़ाएगा। यह कक्षा में नहीं बल्कि मैदान में पढ़ाया जाएगा। बच्चे पौधे लगाएंगे, उन्हें गोद लेंगे और वर्षभर रखरखाव करेंगे। प्रदेश में सभी 60 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में यह कार्यक्रम चलाया जाएगा। शिक्षा विभाग ने इस वर्ष के लिए हरित पाठशाला का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके तहत पर्यावरण संरक्षण पर निबन्ध, पोस्टर प्रतियोगिता आदि गतिविधियों के जरिए लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। खास बात यह है कि 26 जनवरी को पौधरोपण में श्रेष्ठ कार्य करने वाले विद्यार्थियों, अध्यापकों, भामशाहों का सम्मान भी होगा। गौरतलब है कि शिक्षा राज्य मंत्री ने विभाग की कमान संभालते ही स्कूलों में हरियाली बढ़ाने की दिशा में प्रयास करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद विभाग ने यह कदम उठाया है।
जनप्रतिनिधियों से भी लगवाए जाएंगे पौधे
10 जुलाई तक स्थानीय जनप्रतिनिधियों को बुलाकर पौधरोपण। कक्षा व विद्यार्थियों के समूहों के पौधे गोद देना। प्रभारी शिक्षक लगाना। विद्यालय वाटिका या किचन गार्डन बनाना। अगस्त महीेने में पीटीए की बैठक में पौधरोपण कार्यक्रम की जानकारी देना। सितम्बर महीने में ओजोन दिवस पर विभिन्न प्रतियोगिताएं। अक्टूबर में मृत पौधों की जगह नए पौधे लगाना। 26 नवंबर को विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस पर रंगोली, पोस्टर निर्माण आदि गतिविधियां। दिसम्बर में शीतकालीन अवकाश में पौधों के रखरखाव के लिए विशेष कार्यदल का गठन। फरवरी में वर्षभर चले कार्यक्रम की पीईईओ के साथ समीक्षा। मार्च में सालभर बाद तक जीवित पौधों व स्थिति की जानकारी देना।
इस तरह होंगे कार्यक्रम
इस पृथ्वी दिवस पर कार्यक्रम। पौधों के लिए ट्री-गार्ड लगाना, चारदीवारी की व्यवस्था सुनिश्चित करना। 15 मई को कक्षानुसार विद्यालय वाटिका क्लब या पर्यावरण संरक्षण क्लब का गठन। पानी की उपलब्धता एवं स्थान के अनुसार पौधरोपण के लिए लक्ष्य निर्धारण। विद्यालय का नजरी नक्शा बनाना। जून महीने में ग्राम पंचायत से सम्पर्क कर मनरेगा के तहत पौधों के लिए गड्ढे खुदवाना।
Updated on:
16 Apr 2019 04:00 pm
Published on:
16 Apr 2019 04:00 pm
