
sudkhor audio viral in sikar rajasthan
सीकर.
सूदखोरी में अपराधिक गिरोह से जुड़े गुर्गे ही नहीं बल्कि कई सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं। इसका खुलासा वायरल हुए ऑडियो में हुआ है। जिसमें जलदाय विभाग से जुड़ा यह सरकारी कर्मचारी पीडि़त को सूद नहीं चुकाने पर दो सैकंड में उसका इलाज कर देने की धमकी दे रहा है। इतना ही नहीं ऑडियो में पीडि़त के साथ उसके परिजनों को भी भद्दी गालियां दी जा रही है। स्थिति यह है कि आठ रुपया सैकड़ा के हिसाब से ब्याज चुकाने के लिए कर्मचारी की पत्नी और बेटी धमकी देकर पीडि़त पर दबाव बनाने में शामिल है। पूरे परिवार का धमकी भरा ऑडियो राजस्थान पत्रिका के पास मौजूद है।
हर दिन धमकी भरा फोन
नवलगढ़ रोड के पीडि़त बंटी का कहना है कि सूदखोर दिन में तीन-चार बार फोन करता है। हर बार मूल व ब्याज नहीं चुकाने पर जान से मारने की धमकी देता है। जिसके कारण वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा है। मामले में सूदखोर से पीछा नहीं छूटा तो वह मुक्ति पाने के लिए आत्महत्या करने से भी नहीं चूकेगा। सूदखोर के आंतक से उसके परिजन भी डरे और सहमे हुए हैं। वह कई बार घर आकर उन्हें डरा-धमका चुका है।
ऐसे फंसा जाल में
बंटी ने बताया कि छह महीने पहले उसने और उसके दोस्त ने मिलकर जलदाय विभाग में कार्यरत इस कर्मचारी से एक लाख रुपए उधार लिए थे। बदले में सूदखोर ने उससे एक लाख नौ हजार रुपए का साइन किया हुआ चेक व स्टांप रख लिया था। तय समय पर रुपए देने पर देरी हो गई तो सूदखोर ने चेक क्लीयर नहीं कराकर आठ रुपए सैकड़ा से ब्याज लेने पर आमाद हो गया। अन्यथा दो सैकंड में उसका जाब्ता करने की धमकी देने लगा। दिन में फोन कर लोकेशन पूछता है और वहीं सल्टा देने की धमकी ने उसका जीना दूभर कर रखा है।
एक रुपया नहीं होगा कम
ऑडियो में सूदखोर साफ तौर पर धमकी दे रहा है कि मूल व ब्याज में एक रुपया भी कम नहीं होगा। क्योंकि वह कोई दान नहीं ले रहा है। जरूर पडऩे पर रुपए दिए हैं। जिसे वह हर हाल में वसूलेगा। भले ही इसके लिए उसे कुछ भी करना पड़े। इधर, पीडि़त बंटी का कहना है कि अब वह ऑडियो पुलिस में देकर सूदखोर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाएगा।
घर आकर ले जाउंगी
सूदखोर की बेटी व उसकी पत्नी पीडि़त बंटी को धमकाने में जुटी है। जबकि वह वह अपनी मजबूरी सूदखोर के परिवार को बता चुका है। लेकिन, वे लोग उसके घर आकर जबरन रुपए वसूलने की धमकी दे रहे हैं। वे लोग कह रहे हैं कि चाहे कुछ भी हो जाए। मूल और ब्याज तो उसे चुकाना ही पडेग़ा।
हिसाब में उलझी पुलिस
सूदखोरी में प्रवीण बूबना की मौत का 12वां भी बीत चुका है। लेकिन, पुलिस अभी तक उसकी हिसाब-किताब की डायरियों में उलझी हुई है। नामजद मोंटी के अलावा किन्ही दूसरों को पूछताछ के लिए नहीं बुलाया है। प्रवीण के परिजनों के अनुसार वे लोग पुलिस को हर जानकारी देने में मदद कर रहे हैं। लेकिन, अभी तक प्रवीण की मौत के जिम्मेदार खुले घूम रहे हैं।
Published on:
01 Jul 2018 09:02 pm
