
लगातार चार दिन से माइनस के बाद तापमान में उछाल, गुनगुनी धूप का लोगों ने लिया आनंद
सीकर।
सीकर जिले में बुधवार को मौसम साफ रहने व धूप खिलने से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। जिससे लोगों को सर्दी से कुछ राहत मिली। फतेहपुर कृषि अनुसंधान पर आज न्यूनतम तापमान 1.8 दर्ज किया गया। बता दे कि बीते चार दिनों से तापमान लगातार माइनस में रहा जिससे जनजीवन पूरी तरह से अस्तव्यस्त हो गया था। वहीं मंगलवार को दिन में धूप निकलने के बाद गर्माहट का असर तेज हुआ। लोगों ने गुनगुनी धूप का आनंद लिया।
पिछले चार दिन रहा माइनस में
जिले में लगातार चौथे मंगलवार को जमाव बिन्दु से नीचे रहे न्यूनतम पारे ने जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त कर दिया । फतेहपुर कृषि अनुसंधान केन्द्र पर मंगलवार को भी माइनस 3.6 डिग्री दर्ज किया गया। हिमाचल में हुई बर्फबारी के बाद चल रही उत्तरी हवाओं के विंड स्ट्रॉम की स्थिति बन गई है। हवा में नमी की मात्रा शत प्रतिशत तक पहुंच गई। बीती मध्यरात्रि से तडक़े तक ठंड तो इतनी ज्यादा थी कि जमीन पर पाला जमना शुरू हो गया।
फलियों में झुलसे दाने
किसान शिशुपाल सिंह का कहना है कि दो बार मावठ होने के बाद फसलों का उत्पादन बढऩे की उम्मीद जागी थी लेकिन जनवरी में जमे पाले ने रबी की फसलों की सूरत ही बिगाड़ दी। बारानी अगेती सरसों में जो फलियां बनी चुकी थी, उनमें बन रहे दाने का पानी हो गया है। जो दो चार दिन में सूखकर काला जाएगा। इसी प्रकार चने की फसल भी काली पड़ गई है। अगर पाला एक दो दिन और पड़ गया तो फसल बर्बाद ही हो जाएगी। सबसे ज्यादा नुकसान मटर में हुआ है। नकदी फसल के रूप में मटर की बुवाई बेरी, कोलिडा, दादिया, तारपुरा, गुंगारा होते हुए पिपराली तक अधिकांश गांवों में होती है।
बीमारी की जद में लोग
पिछले कुछ दिनों से कभी ज्यादा सर्दी व कभी ज्यादा गर्मी से लोगों को खासी परेशानी में डाल रखा है। तापमान में अचानक आए उतार-चढ़ाव के कारण लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। बुजुर्गों ने बताया कि आमतौर पर मकर संक्रांति के बाद सर्दी का असर कम होने लगता है लेकिन पिछले सालों को देखें तो इस साल जनवरी में सर्दी का प्रभाव अधिक है।
Updated on:
30 Jan 2019 03:53 pm
Published on:
30 Jan 2019 12:13 pm
