
चिंता का विषय बनी कम बच्चों की उपस्थिति , जाने क्या है मामला
सीकर.
विज्ञान के क्षेत्र में रूचि रखने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को केंद्र सरकार ने इंस्पायर अवार्ड के रूप में 10 हजार रुपए देने की घोषणा भी बच्चों में विज्ञान के प्रति क्रेज नहीं बढ़ा सकी है। प्रत्येक सरकारी स्कूल से विज्ञान विषय में एक विद्यार्थी का पुरस्कार के लिए चयन किया गया था। लेकिन बहुत कम विद्यार्थी इस राशि का उपयोग विज्ञान के क्षेत्र में कर रहे है। संभाग स्तरीय इंसपायर अवार्ड प्रदर्शनी में विज्ञान के प्रति विद्यार्थियों का रूझान कम देखने को मिला। संभाग स्तरीय प्रदर्शनी में कुल 106 विद्यार्थियों का चयन हुआ। लेकिन 70 बाल वैज्ञानिक ही प्रदर्शनी में उपस्थित हुए। इनमें से भी राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के लिए केवल मात्र 8 विद्यार्थियों का चयन हुआ है।
फिर कहां गई बाल वैज्ञानिकों की राशि
विज्ञान के इस युग में प्रदर्शनी में अच्छे मॉडल प्रस्तुत नहीं होने के पीछे विद्यार्थियों का रूझान पुस्तकें पढऩे में कम और मोबाइल फोन में विडियो गेम्स खेलने का नतीजा सामने आया।
प्रोजेक्ट मॉडल बनाने के लिए जो राशि सरकार ने बाल वैज्ञानिकों को दी। उस राशि का सही दिशा में उपयोग नहीं होना भी उन बाल वैज्ञानिकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। लेकिन उन्हें मार्ग दर्शन देने वाले विज्ञान के शिक्षकों की भी इसमें नाकामी रही है। प्रदर्शनी में प्रस्तुत मॉडल्स को देखकर जूरी सदस्यों के चहरों पर भी खुशी नजर नहीं आई। ज्यादातर प्रोजेक्ट मॉडल वाइट सीट पर ही नजर आए। राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के लिए आठ बाल वैज्ञानिकों का चयन भी बड़ी मुश्किल से हुआ।
Published on:
18 Jan 2019 06:21 pm
