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शहीद वीरांगना की मांग को किया अनदेखा तो उपजा आक्रोश

वीरांगना ने मांगी सडक़, कच्चा रास्ता भी नहीं मिला
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शहीद वीरांगना की मांग को किया अनदेखा तो उपजा आक्रोश

नीमकाथाना/ मावंडा.

ग्राम श्यामपुरा स्थित चिमन सिंह की ढाणी निवासी वीरांगना ने ढाई वर्ष पहले प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर पक्की सडक़ की मांग रखी थी,पर प्रशासन ने सडक़ बनाने का बात तो दूर आज तक कच्चा रास्ता भी नहीं दिया है।
जानकारी के अनुसार वीरांगना मंगन कंवर के सैनिक पति उम्मेद सिंह कि मौत 1965 में हो गई थी। जब से ही वीरांगना ने अपनी पेंशन राशि से ढाणी में एक शिव मन्दिर, सार्वजनिक उपयोग के लिए एक ट्यूबवैल, टंकी, हैंडपंप, वन क्षेत्र में जंगली जानवरों के लिए एक टंकी आदि लाखों रुपए की लागत से ढाणी में विकास कार्य करवाए। वीरांगना चाहती है कि उसकी ढाणी को पक्की सडक़ से जोड़ा जाए। इससे लोगों की राह आसान हो सके। वीरांगना ने ढाई वर्ष पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिख कर सडक़ बनवाने की मांग रखी थी।
उसके बाद सडक़ निर्माण को लेकर ग्राम पंचायत ने दो वर्ष पहले ढाणी के लिए रास्ते का प्रस्ताव बनाकर नीमकाथाना उपखंड कार्यालय में भेजा था। यह प्रस्ताव दो वर्ष से एसडीएम कार्यालय में धूल फांक रहा है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों की मांग है स्थानीय प्रशासन ढाणी के लिए रास्ता तो दे ताकि आगे कि कार्यवाही शुरू हो सके। रिटायर्ड कैप्टन छतर सिंह तंवर ने कहा कि एक वीरांगना ने ढाणी में इतना विकास कार्य करवा दिया तो सरकार को तो स्वत: ही सडक़ बनाने के लिए आगे
आना चाहिए।
सरपंच कहते हैं
ग्राम पंचायत ने दो वर्ष पूर्व भैरू कि ढाणी व चिमन सिंह कि ढाणी के रास्ते का प्रस्ताव संबंधित विभाग को सुुपुर्द कर दिया था,पर अभी तक कुछ नहीं हुआ।
महावीर गुर्जर, सरपंच श्यामपुरा
जिला कलक्टर कहते हैं
ग्राम पंचायत द्वारा भेजे गए रास्ते के प्रस्ताव को दो वर्ष से एसडीएम कार्यालय में रखना सही नहीं है। मैं एसडीएम को अभी निर्देश जारी करता हूँ ताकि ग्रामीणों को सुविधा मिल सके।
सीआर मीणा, कलक्टर

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