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अजब चोरों की गजब कहानी, ये जहां दिन में करते चोरी रात को वहीं आकर सो जाते, जानिए क्यों?
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अजब चोरों की गजब कहानी, ये जहां दिन में करते चोरी रात को वहीं आकर सो जाते, जानिए क्यों?

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सीकर. बंद पड़ी सुनी हवेली में रात को ठहरना और दिन के उजाले में फिर यहीं रखे माल पर हाथ साफ कर जाने का सनसनी खेज मामला सामने आया है। जिसमें चांदपोल गेट के पास पदमचंद की हवेली में सेंधमारी कर चोर लाखों रुपए के गहने और सामान पार कर ले गए। पड़ौसी ने हवेली के दर्जनभर कमरों के ताले टूटे हुए देखे तो मालिक व पुलिस को सूचना कर मौके पर बुलाया। इसके बाद मौका-मुआयना कर पुलिस ने अज्ञात चोरों की तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार पदमचंद धाकड़ (जैन) का परिवार पिछले कई सालों से चैन्नई रहता है। उन्होंने अपनी पैतृक हवेली की देखरेख के लिए एक परिवार को किराएदार के तौर पर बाहर के कमरे किराए पर दे रखे हैं। शुक्रवार को हवेली की संभाल के लिए उसने छत पर चढकऱ देखा तो सभी कमरों के ताले टूटे हुए पड़े थे और हवेली की छत पर सोने के लिए गद्दे व तकिए लगे पड़े थे।

इन्हें देखकर मौके पर पहुंची पुलिस और हवेली मालिक पदमचंद भी हैंरान रह गए। कोतवाली के एएसआई केदारमल के अनुसार मौका देखने पर प्रतीत होता है कि चोरों की संख्या तीन से चार के बीच में रही है और इन्होंने आराम से यहां रूककर घटना को अंजाम दिया है। इधर, हवेली मालिक के लडक़े विनोद का कहना है कि हवेली के कमरे और अलमारियों में करीब दस हजार नकद, सोने-चांदी के गहने व चांदी और सिल्वर के खूब बर्तन रखे हुए थे। जिनको चोर चुरा ले गए हैं।

हालांकि चोरी में अभी नुकसान का आंकलन नहीं किया गया है लेकिन, फिर भी पांच से दस लाख रुपए का सामान चोरी हुआ है। हवेली में 15 के करीब कमरे हैं। चोरों ने एक भी कमरे और उनमें रखी अलमारी को सही सलामत नहीं छोड़ा है। सबके ताले तोडकऱ उसमें रखे मां और दादी के पुराने गहने समेट ले गए। महंगे बर्तन, कपड़े और गद्दों पर लगी बेडसीट भी साथ ले गए हैं। नुकसान का सही पता लगाने के लिए कमरों में रखे सामान की छानबीन कर रहे हैं।


दो-तीन दिन यहीं रूके
पुलिस के अनुसार घटना को अंजाम देने वाले चोरों ने बड़े ही शातिराना तरीके से चोरी की है। अनुमान है कि ये लोग दिन में कमरों के गेट उतारते और इसके बाद आराम से चोरी का सामान पैक करते। छत पर गद्दे और तकिए लगे रहने से संभावना जताई जा रही है कि ये रात को भी यहीं रूकते थे। लेकिन, आस-पास इतनी ऊंची छत नहीं होने के कारण किसी की निगाह में नहीं आए और चोरी कर रफूचक्कर हो गए। पुलिस चोरी की घटना दो-तीन दिन पुरानी मान रही है। क्योंकि कुछ जली हुई बीड़ी के टुकड़े मिले हैं। जो कि, एक दो दिन पुराने ही हैं। घर में रखे हथौड़े और पाइप से ही कमरों के ताले तोड़े गए हैं।

फूलों की बैल से चढ़े

घटना स्थल के आस-पास और भी हवेलियां हैं,जो कि सूनी पड़ी हैं। पदमचंद की हवेली की छत पर चढऩे के लिए फूलों की बैल को सहारा बनाया है। क्योंकि बैल के पास ही हवेली का छज्जा और छत है। जिसको पकडकऱ ये लोग ऊपर चढ़े होंगे। पड़ौसी मनीष बियाणी का कहना है कि उन्होंने सीसीटीवी कैमरे लगा रखे हैं। लेकिन, उनकी रैंज हवेली के गेट तक आ रही है। जबकि बाकी का हिस्सा कवर नहीं होने से चोरों का पता नहीं लग पा रहा है कि वे कब इधर से चढ़े और कब पार हो गए।