4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस ने बनाया ये प्लान

सिरदर्द बने अपराधियों को शिकंजों तक पहुंचाने के लिए पुलिस बना रही है कुंडली
2 min read
Google source verification
sikar local news

अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस ने बनाया ये प्लान

सीकर.

सिरदर्द बने अपराधियों को शिकंजों तक पहुंचाने के लिए सीकर पुलिस नए सिरे से अपराधियों की कुंडली बना रही है। पुलिस ने थाना स्तर पर इसके प्रयास शुरू कर दिए हैं। थाना के बाद वृत और जिला स्तर पर सक्रिय टॉप-10 अपराधियों की नए सिरे से सूची बनाई जा रही है।
इन अपराधियों की गिरफ्तारी में एसओजी की टीम की भी मदद ली जाएगी। यह शुरू हो पाया है पुलिस महानिदेशक कपिल गर्ग की ओर से जारी आदेशों के बाद। इसके बाद पुलिस अधीक्षक डॉ. अमन दीप सिंह कूर्पर ने सभी थानाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं।
सक्रिय अपराधियों और हार्डकोर पर नजर
जिले के प्रत्येक थाना स्तर पर सक्रिय और हार्डकोर अपराधियों की नए सिरे से सूची बनाई जा रही है। पहले से अपराध में सर्किय अपराधियों की वर्तमान में अपराध में सक्रियता को भी देखा जाएगा। साथ ही गैंगवार से जुड़े लोगों के बारे में पता करवाया जाएगा। इस आधार पर थाना स्तर पर सर्वाधिक सक्रिय दस अपराधियों की सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद वृत, जिला और रेंज स्तर पर टॉप-10 अपराधियों की सूची तैयार की जा रही है। इस सूची में वर्तमान में सर्किय अपराधियों को शामिल करने के साथ उनके अपराध के क्षेत्र का भी उल्लेख किया जाएगा।
युवाओं के हाथ में पहुंचे हथियार कैसे रोकेगी पुलिस
सीकर. जिले में अपराध की तस्वीर लगातार बदलती जा रही है। शराब माफिया की गैंगवार के बाद अब युवाओं के हाथों में आए हथियार पुलिस के लिए बड़ी परेशानी बन गए हैं। थाना स्तर पर गैंगवार के अपराध से जुड़े बड़े अपराधियों की तो बड़ी जानकारी है, लेकिन इन युवाओं का नाम नया अपराध करने पर ही पुलिस के सामने आता है। इसका प्रमुख कारण बीट प्रणाली का कमजोर होना है।
जानकारों का मानना है कि सीकर में गैंगवार की शुरूआत वर्ष 1998 में हुए भेभाराम हत्याकांड के बाद हुई। वर्चस्व की जंग के चलते इसके बाद गिरोह में बंटे अपराधी एक दूसरे के खून के प्यासे हो गए। लेकिन अब गिरोह की एक पीढ़ी लगभग खत्म हो गई या जेल में हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से कई नए गिरोह पनप गए। बाहर से हथियारों की भी बड़ी खेप इन अपराधियों के पास आ गई।
एसओजी करेगी पुलिस को सहयोग
सक्रिय अपराधियों की सूची इसी माह तैयार कर ली जाएगी। थाना स्तर पर अपराधियों की सूची बनाने का कार्य लगभग पूरा हो गया है। वृत स्तर पर 22 जनवरी, जिला स्तर पर 28 जनवरी तक सूची तैयार कर रेंज आईजी को भेज दी जाएगी। रेंज आईजी को चार फरवरी तक रेंज के सर्किय अपराधियों की सूची तैयार कर पुलिस मुख्यालय भेजनी होगी। पुलिस के लिए सरदर्द बने अपराधियों के लिए इनाम की घोषणा की जाएगी। इसके बाद इन अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान में जिला पुलिस के साथ जयपुर एसओजी की टीम भी सहयोग करेगी।
पुलिस की वेबसाइट पर सार्वजनिक होगा अपराध चरित्र
इन अपराधियों का अपराध चरित्र पुलिस की वेबसाइड पर भी सार्वजनिक किया जाएगा। साइड पर इनके अपराध की कुंडली सार्वजनिक होने के साथ अपराध का तरीका भी बताया जाएगा। इन अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद मामलों को केस ऑफिसर स्कीम में लेकर केस ऑफिसर की नियुक्ति की जाएगी। ऑफिसर मामले का लगातार फालोअप करेगा।