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रास्ता पता था ना ही पैसे थे, बाबा के दर्शन का मन बना तो ट्रेन में बैठ गए दो दोस्त, 500 km का सफर करने के बाद पता लगा वो भटक गए फिर…

रींगस कस्बे के रेलवे स्टेशन पर बुधवार को दो बच्चे लावरिस मिले। जीआरपी चौकी प्रभारी प्रहलाद सहाय ने बताया कि हरियाणा के पिंजोर पंचकुला निवासी क्रिशन पुत्र सुन्दरलाल जाट व दक्ष पुत्र विजय कुमार डडवाल मंगलवार को सुबह सात बजे घर से स्कूल जाने के लिए निकले थे।
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रींगस कस्बे के रेलवे स्टेशन पर बुधवार को दो बच्चे लावरिस मिले। जीआरपी चौकी प्रभारी प्रहलाद सहाय ने बताया कि हरियाणा के पिंजोर पंचकुला निवासी क्रिशन पुत्र सुन्दरलाल जाट व दक्ष पुत्र विजय कुमार डडवाल मंगलवार को सुबह सात बजे घर से स्कूल जाने के लिए निकले थे।

रास्ता पता था ना ही पैसे थे, बाबा के दर्शन का मन बना तो ट्रेन में बैठ गए दो दोस्त, 500 km का तरफ करने के बाद पता लगा वो भटक गए, फिर फरिश्ता बनी रेलवे पुलिस

सीकर।
स्कूल में पढऩे वाले दो दोस्त रोज की तरह स्कूल पहुंचे। बच्चों ने बाबा श्याम के बारे में काफी कुछ सुन रखा था। स्कूल की छूट्टी हुई तो दर्शन के लिए मन बन गया। लेकिन रास्ता पता था न ही पैसे थे। लेकिन बच्चों ने तो दर्शन की जिद्द ठान ली और निकल पड़े रेलवे स्टेशन की तरफ और ट्रेन पकड़ पहुंच गए रींगस स्टेशन। यहां पता चला कि वो भटक गए है। रेलवे स्टेशन पर सुस्त बैठे बच्चों के सीआरपी की जवान आया और पूछताछ की तो सामने आया कि बच्चे खाटूश्यामजी में बाबा श्याम के दर्शन करने निकले थे। जानकारी के अनुसार रींगस कस्बे के रेलवे स्टेशन पर बुधवार को दो बच्चे लावरिस मिले। जीआरपी चौकी प्रभारी प्रहलाद सहाय ने बताया कि हरियाणा के पिंजोर पंचकुला निवासी क्रिशन पुत्र सुन्दरलाल जाट व दक्ष पुत्र विजय कुमार डडवाल मंगलवार को सुबह सात बजे घर से स्कूल जाने के लिए निकले थे। स्कूल से छुट्टी के बाद दोनों ने खाटूश्यामजी के दर्शन करने का मन बनाया और ट्रेन बदलते हुए यहां तक पहुंच गए।
सिंह ने बताया कि दोनों बच्चे चंडीगढ़ बांद्रा ट्रेन के रिजर्वेशन के डिब्बे में सो रहे थे। आरपीएफ ने स्कूल ड्रेस में बच्चों को सोते हुए देखा तो उन्हें जगाकर पूछताछ की। दोनों ने बताया कि वे खाटूश्यामजी के दर्शन करने जा रहे थे। आरपीएफ ने बच्चों से कहा कि वे रींगस उतर जाए। बच्चे नीमकाथाना स्टेशन में उतरकर जनरल डिब्बे में चले गए। रींगस पहुंचने पर अन्य लोगों के साथ बच्चे भी उतर गए। बच्चों के पास पैसे भी नहीं थे और दोनों भूखे स्टेशन पर हताश बैठे थे। जीआरपी ने बुधवार को 3.30 बजे जब बच्चो ंको देखा तो पूछताछ की। इस पर बच्चों ने बताया कि वे पंचकूला से बाबा खाटूश्यामजी के दर्शन को आए हैं। सिंह ने बताया बच्चे काफी सहमे हुए थे। दोनों बच्चे छठवी कक्षा के लग रहे हैं। हालांकि बच्चों ने जीआरपी से मम्मी से बात करने की गुहार लगाई। जीआरपी ने दोनों बच्चों के घर बच्चों के सकुशल होने की सूचना दी।
जीआरपी ने बच्चों को खाना खिलाया और थाने में ही उनके सोने की व्यवस्था कर दी। जीआरपी चौकी प्रभारी प्रहलाद सहाय ने बताया कि दोनों बच्चों की पंचकुला में गुमशुदगी दर्ज है। परिजनों के आने के आने बच्चों को बाबा खाटूश्यामजी के दर्शन भी करवा देंगे।