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VIDEO : इन दो युवकों को बलि का बकरा बनने से ज्यादा अच्छी लगी मौत, मरने से पहले का ऑडिया वायरल

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sikar suicide

sikar yuwak

मरने से पहले दूसरे दोस्त के साथ बातचीत का ऑडियो वायरल
ऑडियो में परेशान होने का जिक्र
सीकर. शहर की रिहायशी कॉलोनी बसंत विहार में गुरुवार देर रात दो दोस्तों के जहर खाकर जान देने के मामले में मरने से पहले एक युवक का ऑडियो वायरल हुआ है। जिसमें उल्टी करते हुए वह अपने किसी दोस्त को फोन कर बता रहा है कि हर बार उसे बलि का बकरा बनाया जा रहा है। ऐसे में मौत अच्छी है और उसने जहर की गोलियां खा ली हैं।

उद्योग नगर थाना पुलिस के अनुसार बसंत विहार में दो युवक बेहोशी की हालत में पड़े मिले होने की सूचना मिली थी। मौके पर पुलिस पहुंची तो पुरोहितजी की ढाणी में किराए के मकान पर रहने वाले प्रकाश व राधाकिशनपुरा के अंकित वहां मृत अवस्था में मिले। दोनों की तलाशी में मोबाइल मिले। जिनको जब्त कर इनके परिजनों को सूचना दी गई और दोनों के शवों को एसके अस्पताल में पहुंचाया गया। सुबह परिजनों की मौजूदगी में दोनों का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंपा गया।

पीओपी, डेंटिंग का करते थे काम
रूल्याणी निवासी अंकित के भाई उत्तम ने बताया कि अंकित सीकर में रहता था। वह डेटिंग व मोटर-गाड़ी के कारखाने में काम करता था। शायद इसी दौरान उसकी दोस्ती प्रकाश के साथ हो गई होगी। अंकित कभी अपने ननिहाल राधाकिशनपुरा व कभी कारखाने में ही रहने की बात सामने आ रही है।

इधर, नांगल-नाथूसर के मनोज के अनुसार प्रकाश सीकर में पीओपी व गाड़ी सुधारने के काम का मिस्त्री था। उसका परिवार पुरोहितजी की ढाणी में किराए का मकान लेकर रह रहे थे। मरने वाले दोनों ही अविवाहित थे।

अपने सिर लिए चोरी के आरोप
प्रकाश के दोस्त का कहना है कि वह अपनी मां से बहुत प्यार करता था और उसके इलाज की खातिर पैसे मिलने पर बाइक चुराने का आरोप उसने अपने सिर ले लिया था। नाम नहीं छापने की शर्त पर उसने बताया कि एक व्यक्ति है जो बाइक चुराने के काम में शामिल है। चोरी का आरोप अपने सिर लेने के लिए उसने ही प्रकाश को उकसाया था और इसके बाद वह इस दलदल में फंस गया।
दर्ज कराए मुकदमे
उद्योग नगर थाने के एसएचओ राममनोहर ने बताया कि प्रकाश के खिलाफ बाइक चोरी के कई मुकदमे पुलिस थाने में दर्ज हैं। मृतकों के दोनों परिवार की तरफ से मृग रिपोर्ट दी गई है। दोनों के परिवार वालों ने लिखित में रिपोर्ट दी है कि जब वे लोग मौके पर पहुंचे तो दोनों की मौत हो चुकी थी। ऐसे में मामले की जांच की जानी चाहिए। हालांकि मृतकों के दोनों ही परिवार की ओर से इनकी हत्या की आशंका नहीं जताई गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उसके आधार पर मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा।

मोबाइल पर हुई बातचीत के अंश


आप वाले को बचा लेता है....
मरने से पहले एक दोस्त को किए गए फोन में प्रकाश एक व्यक्ति का जिक्र कर रहा है। जिसमें उस पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि वह पैसे देकर अपने वाले को तो बचा लेता है, लेकिन प्रकाश जैसे गरीब को फंसा कर बलि का बकरा बना देता है।
घटना स्थल के बारे में बताया
उल्टी करने के दौरान बीच-बीच में प्रकाश अपने दोस्त से भी बात कर घटना स्थल के बारे में बता रहा है। कह रहा है कि उसने दुकान से खरीद कर सेल्फास की गोलियां खाई हैं और वह बसंत विहार में एक स्कूल के पास है।
नागर नाम के व्यक्ति का जिक्र
एक से दो मिनट हुई इस बातचीत के दौरान किसी नागर नाम के व्यक्ति का जिक्र किया जा रहा है। प्रकाश अपनी लोकेशन बताने पर उसका दोस्त पांच मिनट में मौके पर पहुंचने की बात कर फोन काट देता है।

बाइक चोरी में जेल जा चुका था प्रकाश
प्रकाश के बड़े भाई मनोज ने बताया कि बाइक चुराने के मामले में प्रकाश दो साल पहले ही लोसल में पकड़ा गया था। जिसके कारण वह जेल जाकर आया था। प्रकाश जब जेल में था तो पीछे से उसकी मां की मौत हो गई। जो कि, कैंसर से पीडि़त थी। इसके बाद भी मनोज का संपर्क कुछ ऐसे लोगों से रहा जिनका नाम बाइक चोरी के मामलों में आ रहा था। ऐसे में संभावना है कि उन लोगों का मनोज पर दबाव था। जिसके कारण उसने जहर खा लिया होगा। मनोज के अनुसार गुरुवार सुबह भी उसने अपने भाई को पूछा तो उसने पुलिस चौकी में जाने की बात कही थी। जब रात को उसे दोबारा फोन किया तो उसने जहर खाने की बात उसे भी बताई। लेकिन, उसकी गलत हरकतों के कारण मनोज ने उस पर विश्वास नहीं किया और जब प्रकाश के मोबाइल से देर रात को किसी ने मनोज को फोन कर कहा कि उसका भाई शराब के नशे में बसंत विहार में पड़ा है। मनोज मौके पर पहुंचा तब-तक प्रकाश की मौत हो चुकी थी।