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Sikar: अकेली थी नाबलिग भतीजी तो घर पहुंचा रिश्ते का चाचा और हाथ-पैर बांधकर करने लगा बलात्कार, कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए सुनाई ये सजा

Rajasthan Crime: सीकर जिले में 17 साल की नाबालिग भतीजी के साथ बलात्कार का प्रयास करने के मामले में कोर्ट ने आरोपी रिश्ते के चाचा को 10 साल की सजा सुनाई है।

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सीकर

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Akshita Deora

Nov 29, 2025

10 साल की बच्ची के साथ 55 साल के बुजुर्ग ने किया दुष्कर्म, बजरंग दल का आक्रोश, कड़ी कार्रवाई की मांग...(photo-patrika)

10 साल की बच्ची के साथ 55 साल के बुजुर्ग ने किया दुष्कर्म, बजरंग दल का आक्रोश, कड़ी कार्रवाई की मांग...(photo-patrika)

Uncle Attempt To Rape Minor Niece: पॉक्सो कोर्ट-1 ने 17 साल की नाबालिग भतीजी के साथ बलात्कार का प्रयास करने के मामले में अभियुक्त रिश्ते में चाचा को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अभियुक्त पर 52 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। फैसले में कोर्ट ने अपराधी पर सख्त टिप्पणी भी की है।

विशिष्ट लोक अभियोजक वकील भवानी सिंह जेरठी ने बताया कि जिले में रहने वाले नाबालिग लड़की और उसके पिता ने 16 जून 2022 को पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया था। मामले के अनुसार 11 जून को पीड़िता के माता-पिता बाहर गए हुए थे और पीड़िता घर पर अकेली थी। इसी दौरान करीब दोपहर दो बजे आरोपी उनके घर पहुंचा और उसे अकेला देखकर उसके हाथ-पैर बांधकर बलात्कार का प्रयास किया था। इस दौरान पीड़िता का पिता वहां आ गया, जिसे देखकर आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया।

पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने जांच के बाद 29 अगस्त 2022 को पोक्सो कोर्ट-1 में चालान पेश किया। अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान 12 गवाह और 24 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए। सुनवाई के बाद कोर्ट ने अभियुक्त को दस साल के कारावास की कड़ी सजा सुनाई। न्यायालय ने पीड़िता को पीड़ित प्रतिकर स्कीम से दो लाख रुपए देने के निर्देश भी दिए हैं।

रिश्ते को शर्मसार कर तार-तार किया: कोर्ट

फैसले में विशिष्ट न्यायाधीश विक्रम चौधरी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अभियुक्त पीड़िता का परिवार में चाचा लगता है, जिसने रिश्तों को शर्मसार करते हुए तार-तार कर दिया है। ऐसे में लोगों का आपसी रिश्तों पर से भरोसा उठ जाता है। जो अच्छी और सभ्य सामाजिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। अत: ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाना जरूरी है जिससे ऐसे अपराधों की पुनरावृत्ति नहीं हो सके।