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रोडवेज में अनफिट लेकिन आरटीओ में फिट

मेडिकल अनफिट बस चालक परिचालक परिचालकों के लाइसेंस हो रहे रिन्यू रोडवेज प्रबंधन कर रहा अनदेखी
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रोडवेज में अनफिट लेकिन आरटीओ में फिट

केस एक- हरफूल कस्वा पिछले कई साल से मेडिकल अनफिट का प्रमाण पत्र लेकर पद के अनुसार ड्यूटी नहीं कर रहे हैं। जबकि तीन साल में अपने लाइसेंस को रिन्यू करवा कर पदोन्नति का लाभ ले रहे हैं। केस दो- रिछपाल राम चिकित्सा विभाग के बोर्ड से मेडिकल अनफिट का प्रमाण पत्र लेकर रोडवेज में सामान खरीद कर लाने-ले जाने की ड्यूटी कर रहे हैं। जब भ्ी इनकी ड्यूटी चालक के रूप में लगाई जाती है। अधिकारी मेडिकल बोर्ड का प्रमाण पत्र देकर इनकी ड्यूटी निरस्त कर देते हैं। केस तीन- रतनलाल स्वामी दिनभर वर्कशॉप में घूमते रहते हैं और हाल में इन्होंने अपने लाइसेंस का नवीनीकरण निगम कार्यालय में जमा करवाया है। केस चार- शिवभगवान पिछले कई साल से गाडिय़ों की धुलाई करवाने और देखरेख के नाम पर ड्यूटी नहीं कर रहे। हाल में इन्होने ने भी आरटीओ से लाइसेंस रिन्यू करवा कर वेतनमान का लाभ लिया है। सीकर. ये केवल चार उदाहरण ही नहीं है। सीकर डिपो में जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण ऐसे चालक और परिचालकों की संख्या करीब तीन दर्जन है जो मेडिकल अनफिट का प्रमाण पत्र लेकर ड्यूटी से बचे हुए हैं। खास बात है कि इनमें से कई कर्मचारियों ने तो कथित रूप से सुविधा शुल्क देकर अपने घर के आस-पास डयूटी लगवा रखी है या छुट्टी लेकर घर बैठे हुए हैं। जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण सीकर डिपो की बसें तीन माह में करीब एक लाख किलोमीटर कम चली है और रोडवेज का घाटा भी 75 लाख रुपए तक पहुंच गया है।

रोडवेज में गडबडझाला

ड्यूटी से बचने के लिए लम्बे समय से रोडवेज में गडबडझाला चल रहा है। चालक व परिचालक अपनी सुविधा और जरूरत के अनुसार प्रमाण पत्र देते हैं। कई बार तो उच्चाधिकारियों के पैनल के समक्ष शपथ पत्र देकर प्रमाण पत्र लिए जाते हैं। एक ही कर्मचारी के दो विरोधाीभासी प्रमाण पत्र देखने के बाद भी अधिकारी जानबूझकर आंख मूंद लेते हैं। इससे निगम को संचालन से होने वाली आय गिर जाती है। कोर्ट में स्टे लेते हैं तो

हर तीन साल के लिए नवीनीकरणहैवी लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए परिवहन विभाग में हर तीन साल में आवेदन करना होता है। आवेदन के समय परिवहन विभाग में मेडिकल फिटनेस का प्रमाण पत्र देना होता है। इसके बाद ही लाइसेंस का नवीनीकरण होता है। आरटीओ ऑफिस में गडबडझाले की पुष्टि इस बात से हो रही है कि लाइसेंस के नवीनीकरण के समय संबंधित चालक की फिटनेस नहीं देखी जाती है और बिना पुष्टि किए बिना ही लाइसेंस का रिन्यू कर दिया जाता है।

रिन्यूअल के समय फिटनेस जरूरी

चालक का लाइसेंस रिन्यू करवाने के लिए फिटनेस प्रमाण पत्र जरूरी है। नियम तो नियम है इसकी पालना करनी चाहिए। मामले को दिखवाएंगे।- सुधीर भाटी, कार्यकारी अधिकारी जनसम्पर्क, राजस्थान रोडवेज