
सर्दी ने बदला भगवान का पहनावा
सीकर/पाटन. मौसम बदलने पर जिस तरह से आमजन के खान-पान और पहनावे में परिवर्तन होता है, उसी तरह से मंदिरों में भी भगवान की पूजा पाठ और पहनावा भी मौसम के अनुसार बदल रहा है।
मंदिरों में ठाकुर जी व घरों में लड्डू गोपाल को सर्दी से बचाव के लिए इन दिनों रजाई व कंबल से लपेटा जा रहा है। कस्बे तथा आसपास के गांवों में कई मंदिरों में प्रतिदिन भगवान का शयन कराने के बाद प्रतिमाओं को कंबल, रजाई उड़ाई जा रही है। घरों में रखी जाने वाली लड्डू गोपाल की प्रतिमाओं पर भी सर्दी का असर अधिक हो रहा है। भगवान को सर्दी से बचाने के लिए इन दिनों बाजार में रजाई ,टोपा व शाल आ रहे हैं।
हाईटेक हुआ शयन
पहले सर्दी से बचाव के लिए ठाकुर जी को रजाई में लपेटा जाता था लेकिन समय के साथ यह भी हाईटेक हो गया है। कई जगह भगवान को सर्दी से बचाने के लिए हीटर की व्यवस्था की जा रही है वहीं ठाकुर जी व लड्डू गोपाल को रजाई के बजाय शाल ,गर्म स्वेटर व टोपा ओढ़ाकर सुलाया जाता है। मन्दिर के महन्त राजू शर्मा ने बताया कि सर्दी बढऩे के साथ ही रात को ठाकुर जी सहित अन्य प्रतिमाओं को रजाई व कंबल ओढ़ा कर सुलाया जाता है। इनके लिए हर वर्ष नई रजाई तैयार करवाई जाती है।
Published on:
24 Dec 2018 05:13 pm
