
सीकर में माइनस में भी गोता लगाकर न्यूनतम स्तर पर पहुंचा पारा, जमा जर्रा जर्रा
सीकर. सीकर में सर्दी सारे रिकॉर्ड तोड़ रही है। शनिवार को फिर पारा इस सीजन के सबसे न्यूनमत स्तर माइनस 4.5 डिग्री तक पहुंच गया। जिससे जिलेभर में सब कुछ जमा सा नजर आया। इससे पहले 19 दिसंबर को भी पारा माइनस 4.5 डिग्री तक पहुंचा था। न्यूनतम पारे के साथ ठंडी हवाओं से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। पेड़- पौधों और फसलों से लेकर नल और परिंडों में आज बर्फ की चादर जमी रही। वहीं, अब गलन भरी हवा नश्तर से चुभती हुई आमजन को प्रभावित कर रही है। इससे सिहरन और बढ़ गई। हालांकि धूप खुलकर खिली है, लेकिन सर्द हवाओं के कारण वह भी बेअसर सी नजर आ रही है।
अल सुबह पानी देने को मजबूर किसान
फतेहपुर. बिजली निगम की मनमानी कहें या किसान का भाग्य। खून जमा देने वाली सर्दी में खेतों में बिजली की आपूर्ति सुबह पांच बजे करता है। किसानों का कहना है कि जब खेतों में सिंचाई करते हैं तो पाइप सर्दी में ऐंठ जाते हैं और पाइप में भरा पानी बर्फ में तब्दील हो जाता है। इस कारण पाइप टूट जाते हैं। किसानों ने सर्दी के मौसम में दिन के समय बिजली आपूर्ति करने की मांग की है।
फसल हुई खराब
रींगस. कड़ाके की ठण्ड के चलते सरगोठ गांव के दर्जनों किसानों की फसले पूरी तरह से नष्ट हो गई है। सबसे अधिक नुकसान सब्जी की फसलों को पहुंचा है। किसानों ने बताया कि इस बार दिसम्बर में ही अधिक ठंड व पाले के कारण फसलों में अधिक नुकसान हुआ है। गांव के मेहरावाली ढाणी निवासी सुरेश, नारायणराम यादव की तीन बीघा खीरा व टिण्डा की फसल नष्ट हो गई है। रामसिंह शेखावत की तीन बीघा व छिगन सिंह यादव की एक बीघा चपल टिण्डा, श्रवण बगडिय़ा, अर्जुन बगडिया व अर्जुन राम सोलंकी की टमाटर की फसल पाले से नष्ट हो गई। गांव के दर्जनों अन्य किसानों की सब्जी की फसले को सर्दी से नुकसान पहुंचा है। किसानो का कहना था कि नुकसान होने के बाद भी कृषि विभाग का कोई भी अधिकारी अभी तक सुध लेने नहीं पहुंचा है।
Published on:
29 Dec 2018 11:08 am
