
पांच दिन से एक्सरे मशीन खराब
नीमकाथाना. राजकीय कपिल अस्पताल में सुविधाओं के अभाव में मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में १२०० के पार प्रतिदिन के आउटडोर में एक्सरे मशीन खराब है। ऐसे में मरीजों को एक्सरे कराने के लिए निजी अस्पतालों में राशि खर्च करनी पड़ रही हैं। सीकर जिले सहित झुंझुनूं व हरीयाणा राज्य को कवर करने के दौरान क्षेत्र में आए दिन होने वाले हादसों में घायल मरीजों को लोग कपिल अस्पताल में ही लेकर पहुंचते हैं। ऐसे में फ्रैक्चर होने से परिजनों को घायलों का एक्सरा बाहर से करवाना पड़ रहा है। पीएमओ डॉ एलएन जाटोलियां ने बताया कि एक्सरे मशीन खराब होने की सूचना उच्च अधिकारियों को दे रखी है। जल्द ही मशीन को सही करवाने की कोशिश की जा रही है।
वर्षों पुरानी है एक्सरे मशीन
यहां काम करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों पुरानी एक्स-रे मशीन होने के कारण आए दिन कोई न कोई खराबी होती रहती थी,लेकिन अब पिछले पांच-छह रोज से मशीन बंद पड़ी है। केवल दांतों के ही एक्सरे हो पा रहे है। सूत्रों ने बताया कि इंजीनियर भी मशीन को कंडम घोषित कर चुके हैं। बावजूद इसके विभाग मशीन को चलवाता जा रहा है।
एक्सरे मशीन में दो फिलामेंट हुआ करते थे। जिसमे पिछले कई महिनों से एक ही फिलामेंट पर चल रही है। प्रतिदिन १०० से ज्यादा एक्सरे होने के कारण मशीन पर लोड ज्यादा गिरने से वह भी खराब हो गया। इससे मशीन एक्सपोज नहीं कर पा रही है।
कमर व पीट के ज्यादा आते हैं एक्सरं
अस्पताल में कमर व पीट संबधित बीमारी के मरीज ज्यादा पहुंच रहे है। ऐसे में चिकित्सक प्रत्येक मरीज का एक्सरे करवाने के कारण प्रतिदिन में २० से ३० एक्सरे एक्सपोज होने के कारण मशीन पर ज्यादा लोड गिरता है। सूत्रों ने बताया कि इस्पाइन एक्सरे करने से मशीन पर बहुत ज्यादा लोड पड़ता है। खराब होने का एक ये भी एक सबसे बड़ा कारण है।
अस्पताल को जरूरत है ५०० एमए मशीन की
अस्पताल में जो वर्तमान में एक्सरे मशीन चल रही है वह मात्र ३०० एमए की है। अस्पताल में प्रतिदिन के आउटडोर को देखते हुए ५०० एमए एक्सरे मशीन की जरुरत है। तब जाकर मरीजों को आसानी से एक्सरे समय पर मिल सकते है। हालांकी कर्मचारी इस मशीन से भी समय पर मरीजों को एक्सरे देने में कोई कमी नहीं छोड़ रहे है।
Updated on:
06 Oct 2018 06:59 pm
Published on:
06 Oct 2018 06:59 pm
