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आयुष विंग तैयार होते ही शुरू हो जाएगी पंचकर्म से इलाज की सुविधा

विभाग को खल रही चिकित्सक सहित स्टॉफ की कमीमरीजों का रुझान बढ़ा, लेकिन नहीं मिल रही व्यवस्थाएं

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Panchakarma treatment facility start as soon as Ayush wing is ready

Panchakarma treatment facility start as soon as Ayush wing is ready

सिंगरौली. सब कुछ योजना के मुताबिक हुआ तो नए वर्ष में जून तक जिले में भी पंचकर्म से इलाज की सुविधा मुहैया हो जाएगी। मरीजों के बढ़े रूझान के मद्देनजर आयुष विभाग के चिकित्सकों ने यह निर्णय लिया है। इलाज की इस सुविधा को शुरू करने के लिए अब केवल आयुष विंग तैयार होने का इंतजार है।

विभाग को आयुष विंग नए वर्ष में जून तक मिलने की संभावना है। वर्तमान में विभाग को चिकित्सक सहित अन्य स्टॉफ की कमी खल रही है। आयुष चिकित्सा के प्रति बढ़े रुझान के मद्देनजर विभाग की मांग पर आयुष विंग की व्यवस्था तो की जा रही है, लेकिन चिकित्सक सहित अन्य स्टॉफ की मांग अभी पूरी नहीं हो सकी है।

आयुष अधिकारी के मुताबिक विंग के लिए निर्माणाधीन भवन तैयार होने के बाद पंचकर्म की सुविधा तो शुरू कर दी जाएगी, लेकिन चिकित्सक सहित अन्य स्टॉफ मिल जाए तो मरीजों का इलाज करना और बेहतर होगा। वर्तमान में पूरे जिले में तीन चिकित्सक सहित कुल 15 स्टॉफ बचे हैं। जबकि जिले में कुल 14 आयुष केंद्र हैं। एक केंद्र एक स्टॉफ संचालित कर रहा है।

यहां हैं औषधालय
जिले में कुल 14 औषधालय हैं। यह औषधालय करौंटी, चरगोड़ा, माड़ा, खुटार, देवरी बांध, सजहर, झारा व रजनिया में है। इसके अलावा चितरंगी क्षेत्र के दुधमनिया, धरौली, बिछी, लमसरई, कुलकवार व गोपला में औषधालय स्थित है। इन सभी औषधालयों में कम से कम चिकित्सक की पदस्थापना करने चितरंगी विधायक अमर सिंह ने दो वर्ष पहले शासन को पत्र लिखा है, लेकिन अभी तक विधायक की मांग पर अमल संभव नहीं हो सका है।

चिकित्सक व स्टॉफ की स्थिति
चिकित्सक के 14 स्वीकृत, 03 भरे
कंपाउंडर के 14 पद, 02 पदस्थ
महिला स्वास्थ्य कर्मी के 11 पद, 04 पदस्थ
औषधालय सेवक के 14 पद, 05 पदस्थ
मुख्य लिपिक के 01 पद स्वीकृत, एक भी नहीं
लेखापाल के 01 पद स्वीकृत, एक भी नहीं
सहायक ग्रेड-2 के 01 पद स्वीकृत, एक भी नहीं
सहायक ग्रेड-3 के 01 पद स्वीकृत, एक भी नहीं
भृत्य का 01 पद स्वीकृत, 01 पदस्थ

वर्जन -
जिले में वर्तमान केवल चिकित्सक बचे हैं। मेरी पदस्थापना खुटार में थी, लेकिन मुख्यालय में बतौर प्रभारी अटैच किया गया हूं। इसके बावजूद पंचकर्म की सुविधा देने की योजना बनाई गई है। स्टॉफ की मांग भी की गई है।
डॉ. धर्मेंद्र कृष्णन, आयुष अधिकारी सिंगरौली।