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शिक्षक छात्रों की कोमल भावनाओं को जागृत कर चरित्रवान बनाते हैं, ऐसे समझें आपका लाडला पढऩे में मास्टर है या नहीं

शैक्षणिक स्तर सुधारने पर मंथन करने उमरिया में जुटे 42 स्कूलों के प्राचार्य

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Teachers make characteristic of the gentle feelings of students awake

Teachers make characteristic of the gentle feelings of students awake

सीधी. कुसमी विकासखंड के पहाड़ी अंचल स्थित शाउमावि उमरिया में सरकारी स्कूलों के शैक्षणिक स्तर पर सुधार लाने के लिए विचार विमर्श किया गया। इसमें मुख्यरूप से प्री बोर्ड के परीक्षा परिणाम और इसके आधार पर कार्ययोजना, अभ्यास कार्य, प्रतिभा पर्व के परिणामों की समीक्षा सहित अन्य बिंदुओं पर चर्चा की गई। शैक्षणिक स्तर के उन्नयन पर बहुत सारे सुझाव दिए गए। जनजातीय कार्य विभाग के सहायक संचालक डॉ. डीके द्विवेदी ने कहा कि भारतीय समाज में शिक्षा, शिक्षक व शिक्षार्थी तीनों में ही अतीत काल से परस्पर संबंध रहा है। इसमं जितनी प्रगाढ़ता व मधुर होती, उतना ही फायदा होगा।

बच्चों को सदाचारी बनाने का दायित्व शिक्षक पर
बालकों को सदाचारी बनाने का दायित्व शिक्षक पर है। छात्र उन्हें आदर्श मानते हैं। छात्र की सुप्त व कोमल भावनाओं को जागृत कर शिक्षक चरित्रवान बनाते हैं। अत: अपनी गरिमा बनाए रखने के लिए शिक्षक पदीय दायित्वों से विमुख न हों। उन्होंने कहा कि शिक्षा सुसंस्कृत बनाने का माध्यम है। यह हमारी संवेदनशीलता और दृष्टि को प्रखर करती है। इससे राष्ट्रीय एकता और वैज्ञानिक सोच बढ़ती है। समझ व चिंतन में स्वतंत्रता आती है। यानी शिक्षा वर्तमान व भविष्य निर्माण का अनुपम साधन है।

विशिष्ट संस्थाओं में बच्चों के प्रवेश पर जोर
बैठक में विद्यार्थियों को विशिष्ट संस्थाओं में प्रवेश दिलाने पर जोर देते हुए प्रधानाध्यापकों को ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया बताई गई। बीएसी अंगिरा प्रसाद द्विवेदी ने इंड लाइन टेस्ट के परीक्षा परिणाम के आधार पर कार्ययोजना बनाने व अभ्यास पर बल दिया। शिक्षकों को प्रशिक्षण देते हुए छात्रों के बौद्धिक स्तर के उन्नयन के आयाम बताए गए। इस दौरान उमरिया के प्राचार्य अशोक वैश्य, चिनगवाह के प्राचार्य विनीत शुक्ला, डेवा के प्राचार्य शिवचरण पटेल, दुबरी कला के प्राचार्य प्रमोद त्रिपाठी, बहेराडोल के प्राचार्य वनवास सिंह, जन शिक्षक रामप्रेम पटेल के अलावा उमरिया, चिनगवाह, बहेराडोल, डेवा, दुबरी कला सहित करीब 42 प्राथमिक शाला के प्रधानाध्यापक, शिक्षक और अतिथि शिक्षक उपस्थित रहे।